फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी में बवालः पुलिस के सवाल पर चुप्पी साध गए आरोपी पिता-पुत्र

Tue, 18 Jul 2017 02:21 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
‘बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना...।’ यह मुहावरा सिगरा थाने के समीप रविवार रात हुए बवाल पर सटीक बैठता है। दरअसल, काशी विद्यापीठ के पीछे स्थित जिस विवादित जमीन पर मड़ई बनी थी और मुकदमेबाजी चल रही है उससे धर्मस्थल की देखरेख करने वाले सज्जाद और उसके बेटे राजू का कोई वास्ता ही नहीं है।
विज्ञापन


गिरफ्त में आए पिता-पुत्र से सिगरा पुलिस ने सोमवार को पूछा कि जब तुम दोनों का उस विवादित जमीन के मुकदमे से संबंध नहीं है और धर्मस्थल की चौहद्दी अलग है तो क्यों अफवाहें फैलाकर बवाल कराए...? आरोपी पिता-पुत्र इसका जवाब नहीं दे सके और चुप्पी साधे रहे।

सिगरा पुलिस के अनुसार विद्यापीठ के पीछे स्थित जमीन को लेकर अधिवक्ता महेंद्र कुमार सिंह उर्फ मंटू और अन्य लोगों के बीच वर्षों से मुकदमेबाजी चल रही है। सिविल कोर्ट से मंटू सिंह ने स्थगन आदेश ले रखा हुआ है। इसके बावजूद नजदीक स्थित धर्मस्थल की देखभाल करने वाले लोगों ने बेवजह की अड़ंगेबाजी की और माहौल बिगाड़ा। 
विज्ञापन


इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि अधिवक्ता द्वारा जमीन के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। बीते जनवरी में न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी किया है उसके अनुसार 1200 स्क्वायर फीट जमीन पर मंटू सिंह के विधिक उपयोग में कोई बाधा न डाली जाए।

बवाल की सूचना सबसे पहले मिली थी एसएसपी को
सिगरा थाने के समीप हुए बवाल की सूचना सबसे पहले एसएसपी को मिली थी। उन्होंने बताया कि सावन मेले के मद्देनजर जिले का भ्रमण कर वे अपने आवास के करीब पहुंचे थे तभी किसी सज्जन का फोन आया और उन्होंने कहा कि सिगरा थाने के समीप बवाल हो रहा है।

तब तक सौ नंबर पर भी किसी ने यह सूचना नहीं दी थी। न ही इसकी जानकारी सिगरा थानाध्यक्ष को थी। सिगरा थानाध्यक्ष को उन्होंने खुद तत्काल मौके पर पहुंचने के लिए कहा था।
 

सुबह खत्म हो गया रात की अफवाहों का डर

- फोटो : अमर उजाला
धर्मस्थल को लेकर फैलाई गई अफवाहों के बाद सिगरा थाना से लल्लापुरा, फातमान और विद्यापीठ की ओर जाने वाले मार्ग पर रविवार रात बवाल के चलते दो घंटे से ज्यादा समय तक अफरातफरी का माहौल था। इलाकाई लोग अपने घरों में दुबक गए थे।

मगर, सोमवार सुबह होते ही पूरे इलाके का माहौल सामान्य था। लोग अपने कामकाज में व्यस्त नजर आए। भारी-भरकम पुलिस बल की मौजूदगी में चाय-पान की दूकानों में इलाकाई लोग रविवार रात के बवाल को लेकर चर्चाओं में मशगूल रहे।  

 इससे पहले रविवार रात शहर के कई इलाकों का माहौल तल्ख हो गया था। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे और तमाम तरीके की चर्चाएं जारी थीं। इसे लेकर सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स की संख्या बढ़ा दी गई थी।

एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि स्थानीय खुफिया एजेंसियों को माहौल की टोह मुस्तैदी के साथ लेने का निर्देश दिया गया है। थानेदारों को आगाह किया गया है कि वे अपने क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी घटना पर नजर रखें और तत्काल मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन

माहौल बिगाड़ने के लिए तरह-तरह की अफवाह

- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार माहौल बिगाड़ने के लिए वाट्सएप और कॉल से शहर में तरह-तरह की अफवाह फैलाई गई थी। भीड़ इकट्ठा करने के लिए धर्मस्थल की दीवार ढहाने, धर्मस्थल में आग लगाने, एक भाजपा विधायक के खड़े होकर धर्मस्थल ढहवाने के साथ-साथ धर्मस्थल को ढहा कर वहां कुछ लोग दूसरा धर्मस्थल बनवा रहे हैं... जैसी अफवाहें  फैलाई गई थीं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें