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नीता अंबानी को बीएचयू में विजिटिंग प्रोफेसर बनाने का प्रस्ताव फर्जी

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वाराणसी/ नई दिल्ली। उद्योगपति मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी को बीएचयू सामाजिक विज्ञान संकाय के महिला अध्ययन केंद्र में विजिटिंग प्रोफेसर बनाए जाने का प्रस्ताव फर्जी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रवक्ता ने उक्त प्रस्ताव का खंडन करते हुए कहा कि नीता अंबानी ने ऐसे किसी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। बीएचयू के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह की ओर से भी जारी सफाई में कहा गया है कि बीएचयू में विजिटिंग प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए विद्वत परिषद् की मंजूरी आवश्यक होती है। इस मामले में न तो ऐसी कोई मंजूरी दी गई है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विद्वत परिषद् के समक्ष आया है। गौरतलब है कि मंगलवार को छात्रों ने कुलपति आवास पर धरना देकर इस फैसले का विरोध किया था।
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विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के तहत चलने वाले महिला अध्ययन केंद्र में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही नीता अंबानी को विजिटिंग प्रोफेसर बनाए जाने की बात सामने आई थी। मंगलवार को धरने के दौरान छात्रों से बातचीत करने संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्र पहुंचे। यहां उन्होंने बताया था कि मौखिक रूप से नीता अंबानी की स्वीकृति के बाद ही लिखित प्रस्ताव भेजा गया था। एक न्यूज एजेंसी ने रिलायंस के प्रवक्ता के उक्त बयान को ट्वीट किया। इसके बाद बहुत हद तक इस प्रकरण का पटाक्षेप भी हो गया। बीएचयू प्रशासन ने भी इस मामले में अपनी सफाई में कहा है कि नीता अंबानी को विश्वविद्यालय के किसी भी संकाय/विभाग/केंद्र में विजिटिंग प्रोफेसर नियुक्त करने या शिक्षण की कोई भी जिम्मेदारी देने संबंधी आधिकारिक निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं लिया है और न ही कोई आदेश जारी किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को शिक्षा मंत्रालय को इस मामले में अपना जवाब भेजा है।
वायरल हो रहे पत्र में संकाय से 12 मार्च को भेजा गया प्रस्ताव
नीता अंबानी को विजिटिंग प्रोफेसर बनाने के जिस प्रस्ताव को लेकर घमासान मचा है, वह 12 मार्च को सामाजिक विज्ञान संकाय से भेजा गया था। संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्रा और महिला अध्ययन एवं विकास केंद्र की समन्वयक प्रो. निधि शर्मा के हस्ताक्षर वाले दो पेज के प्रस्ताव में महिला सशक्तीकरण को आधार बताया गया है। इसमें महामना पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा बीएचयू की स्थापना करने के साथ ही वर्तमान समय में संकाय में होने वाले शोध सहित अन्य कार्यक्रमों और शोध आदि क्षेत्रों में बीएचयू की उपलब्धियों का भी जिक्र किया गया है। अब यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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