चार साल में 307 विद्यालय और सरकारी कार्यालय तंबाकू मुक्त परिसर घोषित
- राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का दिखने लगा असर
- 16 हजार से अधिक लोगों की हुई काउंसिलिंग, 135 लोगों ने तंबाकू को कहा न
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। तंबाकू सेवन की वजह से बढ़ती बीमारियों के प्रति स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता का असर दिखने लगा है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पिछले चार साल में जहां 16 हजार से अधिक लोगों की काउंसिलिंग की गई वहीं 135 लोगों ने तंबाकू को छोड़ दिया। इसके अलावा विशेष अभियान चलाकर स्कूली छात्रों को जागरूक करने के साथ ही 307 विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों को तंबाकू मुक्त परिसर घोषित किया गया।
‘धूम्रपान निषेध दिवस’ पर बुधवार को हुए कार्यक्रम के तहत लोगों को जागरूक किया गया। दुर्गाकुंड स्थित सीएमओ कार्यालय में सीएमओ डॉ. वीबी सिंह की अध्यक्षता में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला सलाहकार डॉ. सौरभ सिंह, एडिशनल सीएमओ डॉ. पीपी गुप्ता समेत अन्य कर्मचारियों ने धूम्रपान निषेध की शपथ ली। उधर, मंडलीय अस्पताल में भी एसआईसी डॉ. प्रसन्न कुमार के नेतृत्व में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।
सीएमओ ने बताया कि लोगों को धूम्रपान छोड़ने के उद्देश्य से प्रोत्साहित करने के लिए हर साल मार्च के दूसरे बुधवार को ‘धूम्रपान निषेध दिवस’ मनाया जाता है। नोडल अधिकारी डॉ पीपी गुप्ता ने बताया कि जिले में 2017-18 से 2021-22 तक कई जन जागरूकता कार्यक्रम, हेल्थ कैंप आयोजित किए गए। कुल 16 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। 210 विद्यालयों में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर तंबाकू मुक्त परिसर घोषित किया गया।