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महिला शिक्षक के समर्थन में कैंपस में निकाला मार्च

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वाराणसी। बीएचयू में पत्रकारिता विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शोभना नार्लिकर के धरने के समर्थन में कांग्रेस, भारतीय जन जागरण समिति, आइसा सहित अन्य संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने बुधवार को परिसर में मार्च निकाला। पत्रकारिता विभाग के गेट से मार्च निकालकर महिलाएं केंद्रीय कार्यालय पहुंची। यहां गेट से अंदर जाने को लेकर उनकी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से नोंकझोंक भी हुई।
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थोड़ी देर बाद महिलाएं अंदर चैनल गेट तक पहुंच गई और विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी कर महिला शिक्षक का उत्पीड़न बंद कर जल्द ही कार्रवाई की मांग की। विश्वविद्यालय में सेवा शर्तों की अनदेखी के विरोध में तीन दिन से धरना दे रही डॉ. शोभना नार्लिकर ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के हितों की अनदेखी की वजह से ही न तो उनका प्रमोशन हुआ, न ही अन्य सुविधाओं का लाभ मिल पा रहा है।
वर्जन
डॉ. शोभना नार्लिकर द्वारा पूर्व में दिए गए आवेदन पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। मेडिकल ग्राउंड पर लीव विदाउट पे को कम्यूटेड लीव और अर्न लीव में परिवर्तित किया गया है। - डॉ. राजेश सिंह, पीआरओ बीएचयू
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चार सदस्यीय कमेटी करेगी मामले की जांच
बीएचयू में कुलपति ने डॉ. शोभना नार्लिकर के मामले में चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। बायोकेमिस्ट्री विभाग के प्रो. एस कृष्णा की अध्यक्षता वाली कमेटी में संयुक्त कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा, क्रीड़ा परिषद की डॉ. निर्मला होरो समिति की सदस्य होंगी। इसके अलावा उपकुलसचिव (शिक्षण), कमलकांत सहाय समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति को 48 घंटे के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपनी है।
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