रंगभरी एकादशी पर काशी विश्वनाथ मंदिर में ढाई लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ और माता गौरा को गुलाल अर्पित किया। शुक्रवार की सुबह से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक अनवरत जारी रहा। जैसे-जैसे दिन ढलना शुरू हुआ वैसे वैसे बाबा के भक्त धाम की ओर चल पड़े।
बाबा की बरात पहुंचने से पहले ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए। बोल बम और हर हर महादेव के साथ अबीर गुलाल और फूलों की वर्षा करते हुए जब श्रद्धालु बाबा दरबार में पहुंचे तब पूरा परिसर शिवमय हो गया था।
श्रद्धालु परिसर में बज रहे डमरू वादन पर खूब थिरके। जब पालकी पर सवार होकर भोलेनाथ परिसर में पहुंचे तो एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु बाबा की पालकी की ओर चल पड़े। कोई अबीर गुलाल चढ़ाकर तो कोई स्पर्श करके अपने आप को धन्य समझ रहा था।
पालकी आगमन के बाद बाबा की आरती उतारी गई। आरती के पश्चात सभी दरवाजे दर्शनार्थियों के दर्शन के लिए खोल दिए गए जो दर्शन करने का रेला रात्रि 11:00 बजे तक चलता रहा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सुबह से लेकर रात्रि 11:00 बजे तक करीब ढाई लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन पूजन किया। वहीं कलाकारों ने शिवारचनम के जरिए श्रद्धा अर्पित की।