लहरतारा से बौलिया की ओर बढ़ते ही सड़क किनारे निर्माण सामग्री, पोकलेन, जेसीबी और निर्माण के बाद निकला मलबा सड़क पर पड़ा दिखाई देता है। इसके आगे गाजीपुर रूट की निजी बसों का संचालन और सवारियां भरने-उतारने के लिए खड़े ई-रिक्शा व ऑटो समस्या को और बढ़ा देते हैं। इन सभी कारणों से 26 फीट चौड़ी सड़क का उपयोगी हिस्सा घटकर 10 फीट से भी कम रह जाता है। महज दो किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को 30 से 45 मिनट तक का समय लग रहा है।
लहरतारा में सड़क निर्माण की वजह से ट्रैफिक संचालन में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। बस स्टैंड संचालकों को निर्देश दिया गया है कि सड़क पर कोई भी बस खड़ी न होने पाए। साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को भी गाजीपुर निजी बस स्टैंड के आसपास खड़े होने से रोका गया है। यातायात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि यातायात संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। - अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी ट्रैफिक
तीन किलोमीटर के दायरे में 12 पुलिसकर्मी, एक पुलिस चौकी
बौलिया से कैंट और लहरतारा के बीच 12 पुलिसकर्मियों की तैनाती है। लहरतारा आरओबी के पास दो पुलिसकर्मी, प्रमुख जाम पॉइंट पर एक, ककरमत्ता मार्ग पर चार, बौलिया पर चार और फुलवरिया मोड़ पर एक पुलिसकर्मी तैनात रहता है। इसके बावजूद जाम लगने पर पुलिसकर्मियों को भी मशक्कत करनी पड़ती है।
2 फ्लाईओवर, 2 आरओबी और 2 मार्गों को जोड़ती है सड़क
बौलिया से कैंट तक का मार्ग शहर की यातायात व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह सड़क फुलवरिया आरओबी, लहरतारा आरओबी, ककरमत्ता फ्लाईओवर और चौकाघाट फ्लाईओवर को जोड़ती है। साथ ही कैंट-इंग्लिशियालाइन और बीएलडब्ल्यू मार्ग से भी संपर्क स्थापित करती है।