ज्ञानवापी में एएसआई से सर्वे के लिए दो बार अदालत के आदेश आए हैं। मगर, एक बार इलाहाबाद हाईकोर्ट और दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सर्वे का काम शुरू ही नहीं हो पाया। तीसरी बार में सर्वे शुरू हो रहा है।
पहली बार जिला अदालत ने आठ अप्रैल 2021 को प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ व अन्य बनाम अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी व अन्य के वाद में एएसआई को ज्ञानवापी परिसर का रडार तकनीक से सर्वे का आदेश दिया था। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड की अपील पर सितंबर 2021 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सर्वे पर रोक लगा दी थी।
यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के विचाराधीन है। इस पर 25 जुलाई को सुनवाई भी होनी है। दूसरी बार 12 मई 2023 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि ज्ञानवापी स्थित वजूखाने में मिली शिवलिंग जैसी आकृति की वैज्ञानिक पद्धति से एएसआई जांच करे। सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2023 को हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया।
पिछले साल 16 मई को सील किया गया था वजूखाना
सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत के आदेश से ज्ञानवापी में अधिवक्ता आयुक्तों ने बीते साल छह, सात, 14, 15 और 16 मई को सर्वे किया था। 16 मई को सर्वे के दौरान हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी स्थित वजूखाना में शिवलिंग मिलने का दावा किया। वहीं, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी का दावा था कि वह पुराना फव्वारा है।
हिंदू पक्ष के आवेदन पर 16 मई को ही सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने वजूखाना को सील करने का आदेश दिया। सिविल कोर्ट के आदेश के खिलाफ मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। 17 व 20 मई और फिर 11 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश में भी वजूखाना सील रखने का निर्णय बरकरार रखा गया था।
ज्ञानवापी: हमारी बात नहीं मानेंगे तो सर्वे का बहिष्कार करेंगे: यासीन
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि पुलिस आयुक्त और डीएम को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी दी गई है। इस पर सोमवार को सुनवाई होनी है। ऐसे में सर्वे की तिथि आगे बढ़ाई जाए। सोमवार को सर्वे में शामिल हो पाना संभव नहीं है। अपनी बातों के संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भी सौंपा गया है। हमारी बात नहीं मानी जाएगी तो हम सर्वे का बहिष्कार करेंगे।
सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि अभी तो सर्वे संबंधी अदालत के आदेश की प्रति सारनाथ स्थित एएसआई के कार्यालय भी नहीं पहुंची है तो बाहर की टीम कैसे आ गई। रविवार को ही पत्र लिखकर सोमवार से सर्वे शुरू कराने की बात कर रहे हैं। यह सब क्या और कैसे हो रहा है, हमारी समझ से परे है। अब सुप्रीम कोर्ट से ही न्याय मिलने की उम्मीद है।