पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी पुआरीकला निवासी शिवशंकर के साथ हुई है। शादी के बाद से ही पति द्वारा लगातार प्रताड़ना दी जा रही थी। मैं अपने पिता तथा परिवार की गरीबी को देखते हुए सबकुछ बर्दाश्त करती रही। इसी बीच एक पुत्री तथा एक पुत्र पैदा हुए तो मैं अपने पुत्र और पुत्री के सहारे अपना जीवन व्यतीत करने लगी।
वाराणसी से एक मां को घर से निकालने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इसमें पिता ने भी बेटे का साथ दिया है। बड़ागांव थाना क्षेत्र के पुआरी कला गांव निवासनी मनोरमा देवी ने अपर पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर अपने बेटे और पति के ऊपर मारने पिटने और घर से निकालने का आरोप लगाया है।
बीते साल इक्कीस मार्च को मेरे पुत्री की शादी हो गयी। पुत्री के शादी के बाद मेरे पति शिवशंकर ने मेरे पुत्र हिमांशु के साथ मिलकर मुझे मारा-पीटा। मैंने मारपीट का विरोध किया तो बीते बारह मार्च को शिवशंकर व हिमांशु ने मिलकर मुझे फिर पीटा। जब इस बात की जानकारी मेरी बेटी अलका को हुई तो मैं उसके साथ स्थानीय थाने पर जाकर उनके खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। जिससे नाराज होकर हमारे बेटे व पति ने मिलकर मुझे घर से निकाल दिया। अपर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई कर रही है।