जनजाति शोध एवं विकास संस्थान के तत्वावधान में आदिवासी समाज द्वारा बृहस्पतिवार को हरहुआ विकासखंड के चक्का गांव में गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती देवी के स्मृति स्थल पर प्राचीन पर्व भोजली पूजा का आयोजन किया गया। जहां आदिवासी महिलाओं एवं बच्चियों ने वरुणा नदी के किनारे भोजली घाट पर सात प्रकार के अनाज की जरई नदी में विसर्जित किया और बड़ों के कान पर जरई बांधकर आशीर्वाद लिया।
मान्यता है कि भोजली पर्व के दिन आदिवासी समाज के किसान खेती बाड़ी के लिए अच्छे बीजों का चयन, अधिक उपज और अन्न बढ़ोतरी के लिए भोजली दाईना (देवी) की पूजा करते हैं। इस मौके पर प्रतिवर्ष महिलाएं और बच्चियां सात प्रकार के अनाज का बीज उगाकर उसे सर पर रखकर भोजली देवी का सुमिरन कर नदी में विसर्जित करती हैं। इस मौके पर संस्थान के सचिव बृजभान मरावी, ग्राम प्रधान रानी देवी, विशाखा गौड़, नंदिनी, सोनी, मुस्कान आदि मौजूद रहीं।