इसमें विशेषकर बिहार, गोरखपुर, लखनऊ की ओर जाने वाली गाड़ियां यात्रियों से भरी रही। दिल्ली से आने वाली स्पेशल गाड़ियों में कोई दो घंटा तो कोई साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची। 10 से 12 घंटे तक सफर कर पहुंचे लोगों में कई लोग तो खड़े ही यात्रा कर पहुंचे। कैंट स्टेशन पर आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप यादव बार-बार लोगों से चलती ट्रेन में न चढ़ने, सुरक्षा का विशेष ख्याल रखने, ट्रेन रुकने पर उसमें बैठने की अपील करते रहे।
रेलवे की ओर से भी कर्मचारियों को निगरानी के लिए लगाया गया था। त्योहार पर भीड़ को देखते हुए प्लेटफार्म पर जाने वाले मुख्य प्रवेश द्वार पर हेल्प डेस्क भी बनाया गया है, जहां लोगों को ट्रेनों के आने-जाने की जानकारी दी जा रही थी। बहुत से ऐसे यात्री जिनकी गाड़ी लेट थी, ऐसे लोग स्टेशन परिसर में बने होल्डिंग एरिया में बैठे रहे। यहां आरपीएफ स्टाफ, रेलवे कर्मचारी तैनात रहे। लोगों की सुविधा के लिए ट्रेनों की जानकारी भी यहां मिल रही थी।
ट्रेन में सामान रखने और बैठने को लेकर जद्दोजहद।
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स्पेशल गाड़ियों का रहा ये हाल
- 04096 स्पेशल गाड़ी-आनंद विहार से पाटलिपुत्र जाने वाली यह गाड़ी। वाराणसी में यह गाड़ी दो घंटे की देरी से 3 बजे पहुंची।
- 04090-आनंद विहार से चलकर पटना जाने वाली गाड़ी वाराणसी जंक्शन पर सुबह 3.40 मिनट की देरी से 6.50 बजे पहुंची।
- 04452-नई दिल्ली से चलकर हावड़ा जाने वाली गाड़ी वाराणसी जंक्शन पर 2 घंटे की देरी से 11.50 बजे आई।