पांच सितंबर को पांच बजे पांच मिनट के लिए बेरोजगार खिलाडि़यों ने ताली और थाली बजाकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का निश्चय किया है। जिसके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से तमाम खिलाडि़यों को जोड़ने की मुहिम भी चला रही है।
सुंदरपुर की रहने वाली 26 वर्षीय नेशनल कबड्डी खिलाड़ी श्वेता पटेल ने बताया कि पिछले 10 साल से कबड्डी खेल रही हूं। इस बीच कई नेशनल प्रतियोगिताओं सहित इंडिया कैंप भी किया। जूनियर नेशनल में कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी पांच साल से नौकरी के लिए आवेदन कर रहीं हैं, ताकि पढ़ाई लिखाई के साथ अपनी खुराक का खर्च उठा सके। मगर कहीं नौकरी नहीं मिली।
2014-15 के अखिल भारतीय विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकीं सुंदरपुर की रहने वाली 25 वर्षीय निशा सिंह ने बताया कि छह साल के कबड्डी कॅरियर में कई नेशनल प्रतियोगिताओं हिस्सा लिया। नौकरी के लिए कई बार आवेदन किया मगर कही चयन नहीं हुआ। करौंधी की रहने वाली 25 वर्षीय मीना पटेल ने बताया छह साल के कबड्डी कॅरियर में 2018 में इंटर यूनिवर्सिटी खेल चुकी हूं। घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए चार साल से नौकरी के लिए आवेदन कर रही हूं। मगर कही नौकरी नहीं मिली। ऐसे में सरकार तक आवाज पहुंचाना जरूरी हो गया।
करौंधी की रहने वाली 25 वर्षीय नेशनल खिलाड़ी सरिता पटेल ने बताया कि पिछले 10 साल से कबड्डी खेल रही हूं। 2013 के नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जितने के बाद लगातार नौकरी के लिए आवेदन करती रही। ताकि पढ़ाई लिखाई के साथ परिवार की भी जिम्मेदारी उठा सकूं। मगर कोरोना काल में घर की माली हालत ठीक न होने से ताली और थाली का सहारा लेना पड़ रहा। ताकि अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा सकूं।