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वाराणसी को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए चाहिए इतने हजार करोड़

Thu, 29 Jun 2017 01:21 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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एशियन विकास बैंक के अध्यक्ष तकेहिको नकाओ के समक्ष हुआ परियोजनाओं का प्रजेंटेशन - फोटो : अमर उजाला
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काशी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सात हजार करोड़ रुपये की जरूरत है। बुधवार को कमिश्नरी सभागार में एशियन विकास बैंक (एडीबी) के अध्यक्ष तकेहिको नकाओ के समक्ष स्मार्ट सिटी के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रजेंटेशन हुआ।
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बताया गया कि स्मार्ट सिटी की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) डेढ़ महीने के अंदर तैयार कर ली जाएगी। इसके लिए तीन बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कंसल्टेंट के रूप में चुना जा चुका है।

अध्यक्ष तकेहिको नकाओ ने भरपूर वित्तीय मदद के लिए सकारात्मक संकेत दिए। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की पहल पर अब जल्द ही इसके लिए एशियन विकास बैंक से करार हो सकता है। 
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 कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में एडीबी के अलावा वित्त मंत्रालय, प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे। एडीबी चेयरमैन के समक्ष प्रस्तावित परियोजनाओं का पूरा खाका प्रस्तुत किया गया।

जिन परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, उनके बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही, इन परियोजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए अनुमानित वित्तीय जरूरतों के बारे में भी बताया गया। स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं के क्रमवार प्रजेंटेशन दिए गए।

विद्युत, सीवरेज, पेयजल, हेरिटेज और पर्यटन के अलावा आईपीडीएस, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, सारनाथ में चल रहे विकास कार्यों, क्षेत्र आधारित विकास, घरेलू गैस पाइप लाइन योजना, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण आदि की जानकारी दी गई। 

शहर की यातायात व्यवस्था, मल्टीलेवल पार्किंग, स्पोर्ट्स स्टेडियम का विकास, सिटी कमांड सेंटर, स्मार्ट रेलवे स्टेशन, मेट्रो, वरुणा पुल जीर्णोद्धार से जुड़ी परियोजनाएं भी प्रस्तुत  की गईं।

मंडलायुक्त ने एडीबी चेयरमैन को काशी की प्राचीनता और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक महत्ता की जानकारी दी। शहर विस्तार के तहत आसपास की 79 ग्राम सभाओं को नगर निगम क्षेत्र में शामिल करने की भी जानकारी दी। 
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एशियन विकास बैंक के अध्यक्ष तकेहिको नकाओ के समक्ष हुआ परियोजनाओं का प्रजेंटेशन - फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल होने के बाद स्पेशल परपज ह्वेकिल के माध्यम से नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, वीडीए, पुलिस-प्रशासन, जलकल, जल निगम, गंगा प्रदूषण, बिजली विभागों के साथ सामंजस्य स्थापित कर स्मार्ट सिटी की पूरी कार्ययोजना तय की जानी है।

20 सितंबर 2016 को स्मार्ट शहरों की सूची में काशी को शामिल किया गया था और अब तक दस महीनों में सिर्फ प्रजेंटेशन और बैठकों का दौर ही चला। अब तक की तय कार्ययोजना के मुताबिक पहले पक्का महाल यानी अस्सी से राजघाट तक 1389 एकड़ क्षेत्र को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाना है। उसके बाद पैन सिटी के तहत शहर के अन्य हिस्से विकसित होंगे। 

रेट्रोफिटिंग एरिया- इसके तहत पक्के महाल के 1389 एकड़ की आबादी वाले क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं चुस्त-दुरुस्त की जाएंगी। उन्हें अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। पक्का महाल के मौलिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए गंगा घाट से लेकर गलियां, सड़क, सीवेज, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, कंप्यूटर सफाई व्यवस्था आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 

पैन सिटी- इसके तहत शहरभर में नगरीय सुविधाएं, ई-गर्वनेंस, यातायात और कचरा प्रबंधन, कचरे से खाद और बिजली उत्पादन, जल प्रबंधन आदि 21 बिंदुओं पर शहर को स्मार्ट बनाया जाना है।

तीन कंपनियों से करार 
काशी की प्राचीनता एवं विरासत को सहेजते उसे आधुनिक स्वरूप देने के लिए नगर निगम ने तीन बहुराष्ट्रीय कंपनियों से 22 मई 2017 को करार किया। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में रुद्रा इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, ग्रांट थारटन और एएनबी को जून से ही डीपीआर बनाने का काम शुरू करना था लेकिन अब तक इस पर  काम शुरू नहीं हो पाया है।


 
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