श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के तीन मुख्य मंदिरों बाबा विश्वनाथ, बैकुंठ और दंडपाणि मंदिर की मजबूती की जांच होगी। आगामी खतरों और भौगोलिक नुकसान से बचाने के लिए आईआईटी मद्रास के भूकंप वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार करेंगे। ये वैज्ञानिक बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग के हिस्से को छोड़कर बाकी गर्भगृह के भीतर और बाहरी दीवारों के स्थायित्व की भी जांच करेंगे। आईआईटी मद्रास के भूकंप वैज्ञानिक डॉ. अरुण मेनन और उनकी पूरी टीम इस बिंदु को जांच का आधार बनाएगी।
वैज्ञानिकों को बाबा विश्वनाथ के साथ ही बैकुंठ और दंडपाणि मंदिर के भी पत्थरों को आगामी कई वर्षों तक संरक्षित करने की तकनीक तय करनी है। इन मंदिरों की मजबूती और स्थायित्व को चेक करेंगे। बिना छेड़छाड़ के मंदिर को रेनोवेट करने का रास्ता भी निर्धारित कर मंदिर प्रशासन को अपनी राय देंगे। इसमें भूकंप, बाढ़ और अन्य मौसमी आपदाओं से बचाने के बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। पांच नवंबर को होने वाले आईआईटी मद्रास के वैज्ञानिकों के दौरे में पूरे मंदिर की जांच होगी।