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Varanasi: मालगोदाम रोड के पास शिफ्ट होगी शहर की साड़ी व दवा मंडी, ‘नमो बनारस केंद्र’ में बनाई जाएंगी दुकानें

Fri, 29 May 2026 02:39 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी शहर के 348 साड़ी कारोबारियों और 496 दवा कारोबारियों को दुकानें देने की तैयारी शुरू हो गई है। ‘नमो बनारस केंद्र’ के नाम से बनने वाले मल्टीस्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में इन्हें शिफ्ट किया जाएगा। 
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कैंट के पास मालगोदाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मालगोदाम रोड कैंट के पास शहर की साड़ी और दवा मंडी को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। ‘नमो बनारस केंद्र’ के नाम से बनने वाले मल्टीस्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में 348 साड़ी कारोबारियों और 496 दवा कारोबारियों के लिए दुकानें बनाई जाएंगी। इन दुकानों का आवंटन नगर निगम की ओर से किया जाएगा।

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पिछले दिनों नगर निगम ने कैंट स्थित शेड मॉल गोदाम पर अवैध कब्जा हटाकर उसे अपने कब्जे में लिया था। मालगोदाम परिसर में वर्षों से लोग अवैध रूप से कब्जा कर व्यापार कर रहे थे और वहीं रह भी रहे थे। नगर निगम ने वहां से हजारों बोरी सीमेंट, बड़ी मात्रा में सरिया और खाद हटवाने के बाद जर्जर मालगोदाम को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। इस कार्रवाई से नगर निगम की 14 हजार वर्गमीटर भूमि कब्जामुक्त हुई, जिसकी कीमत करीब 90 करोड़ रुपये आंकी गई है।

मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि 0.82 हेक्टेयर भूभाग पर 145.36 करोड़ रुपये की लागत से जी प्लस-6 मल्टीस्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसका निर्माण क्षेत्रफल 48,365.10 वर्गमीटर होगा। व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें 155 वर्गफीट से लेकर 655 वर्गफीट तक की दुकानें उपलब्ध होंगी।
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उन्होंने बताया कि 45.36 करोड़ रुपये की धनराशि नगर निगम राज्य वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान की बचत राशि से खर्च करेगा। यह केंद्र बनारसी साड़ी उद्योग और सप्तसागर दवा मंडी के कारोबारियों को आवंटित किया जाएगा। इसके लिए दोनों व्यापारिक क्षेत्रों के पदाधिकारियों से बातचीत की जा रही है। व्यापारियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही ग्राहकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी होगी।

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10 एकड़ से अधिक जमीन देने वाले किसानों को 50 प्रतिशत भूमि होगी वापस

वीडीए की ओर से लैंड पूलिंग नीति के तहत 10 एकड़ से कम भूमि देने वाले किसानों को विकसित भूमि का 30 प्रतिशत और 10 एकड़ से अधिक भूमि देने वाले किसानों को विकसित भूमि का 50 प्रतिशत वापस किया जाएगा। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के अनुसार टाउनशिप विकसित करने के लिए जमीन मिल रही हैं। आनंद काशी (कल्लीपुर), रुद्र विहार (मढ़नी) और स्पोर्ट्स सिटी (गंजारी) में भूमि के लिए पूलिंग नीति अपनाई गई है। कल्लीपुर में 32 किसानों ने लगभग 27 एकड़ भूमि दी है, जबकि मढ़नी स्थित रुद्र विहार टाउनशिप में 33 किसानों ने 18 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। अब तक कुल 65 किसानों ने 45 एकड़ भूमि दी है।

वीडीए को उम्मीद है कि आगामी छह से आठ महीनों में आवश्यक आधारभूत संरचना विकास कार्य पूरा कर किसानों को विकसित भूमि वापस कर दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि वाराणसी का विकास अब किसानों की सहभागिता के साथ आगे बढ़ेगा, जहां विकास और समृद्धि दोनों साथ-साथ चलेंगे। वीडीए के अनुसार यह नीति किसानों को विकास प्रक्रिया का सहभागी बनाकर शहर के सुनियोजित विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। लैंड पूलिंग योजना के प्रारंभिक चरण में किसानों में इस नीति को लेकर कुछ संकोच था, लेकिन समय के साथ इसके लाभ समझने के बाद अब बड़ी संख्या में किसान इससे जुड़ रहे हैं।

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इस नीति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसानों की भूमि का भू-उपयोग स्वतः कृषि से आवासीय में परिवर्तित हो जाता है, जिससे उनकी भूमि का मूल्य कई गुना बढ़ जाता है। विकसित भूखंड की कीमत मूल कृषि भूमि की तुलना में काफी अधिक हो जाती है। अधिकारियों के अनुसार यह नीति भूमि अधिग्रहण के बजाय किसानों को विकास का भागीदार बनाती है, जिससे सरकार और किसानों दोनों के लिए ‘विन-विन’ स्थिति बनती है।
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