सांस्कृतिक संकुल में सीएम योगी
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ठुमरी गायिका पद्म विभूषण गिरिजा देवी के नाम पर वाराणसी का सांस्कृतिक संकुल का नाम रखा जाएगा। इस बात की घोषणा बुधवार को वाराणसी पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की है। बुधवार सुबह वाराणसी आने के बाद सीएम योगी सर्किट हाउस पहुंचे। यहां इस बार मुख्यमंत्री के साथ तमाम विधायक और पार्टी पदाधिकारियों का एक काफिला भी रहा जिससे सर्किट हाउस पर सुरक्षा कर्मियों से अंदर जाने को लेकर थोड़ा विवाद भी हुआ।
सर्किट हाउस में सीएम ने अधिवक्ताओं का आठ सदस्यीय एक प्रतिनिधिमण्डल से मुलाकात की। भरोसा दिलाया कि कोर्ट परिसर को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।
कोर्ट की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग यहीं बनेगी। इसके लिए जमीन की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। यहां से सीएम योगी गंगा उसपार डोमरी पहुंचे। संत मर्मज्ञ मोरारी बापु ने सीएम योगी को सीएम योगी ने बापु को अंगवस्त्र प्रदान किए।
सीएम योगी ने यहां करीब एक घंटा राम कथा का श्रवण किया। रामकथा के बाद सीएम कई योजनाओं का लोकापर्ण और शिलान्यास के लिए सांस्कृतिक संकुल पहुंचे।
यहां आते हीं उन्होंने कंठ माधुरी गिरिजा देवी के निधन पर शोक जताया और कहा कि यह संकुल अब गिरिजा देवी के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि वह देव दिपावली पर काशी आने की कोशिश करेंगे। बता दें कि सीएम योगी आज चंदौली का भी दौरा करेंगे।
पद्मश्री से पद्मविभूषण तक का सफर
गिरिजा देवी का जन्म आठ मई, 1929 को बनारस के जमींदार रामदेव राय के घर हुआ था। पारंपरिक ठुमरी को नए दौर में अपनी आवाज के जादू से नया मुकाम दिलाने वाली गिरिजा देवी को 1972 में केंद्र सरकार ने पद्मश्री, 1989 में पद्म भूषण और 2016 में पद्मविभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था। गिरिजा देवी को संगीत नाटक अकादमी द्वारा भी सम्मानित किया गया था।