बनारस को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की ओर से सांस्कृतिक राजधानी घोषित किया गया है। काशी में सबसे पहले 40 प्रतिनिधियों का समूह अक्तूबर में आएगा और आगमन से एक सप्ताह पहले तिथि की घोषणा की जाएगी।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की ओर से घोषित सांस्कृतिक राजधानी काशी में सबसे पहले रूस का प्रतिनिधिमंडल आएगा। 40 प्रतिनिधियों का यह समूह अक्तूबर में आएगा और आगमन से एक सप्ताह पहले तिथि की घोषणा की जाएगी। पहले प्रतिनिधि मंडल के स्वागत में विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई जा रही है। इसके साथ ही 16 से 23 जनवरी तक सिटी बैलून व बोट फेस्टिवल के साथ अन्य आयोजन भी कराए जाएंगे।
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एससीओ में भारत सहित आठ देशों के अतिथियों को काशी भ्रमण की तैयारियों को लेकर बुधवार को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव और प्रदेश के मुख्य सचिव डा दुर्गाशंकर मिश्र ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। इसमें रूस के प्रतिनिधिमंडल के आगमन के दौरान शहर की चकाचौंध व्यवस्था के साथ ही आयोजनों पर चर्चा हुई। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने हर महीने के लिए बनाए कार्यक्रमों की शृंखला की जानकारी दी। इसमें बताया कि नवंबर में देव दीपावली, दिसंबर में ट्रैवेल राइटर कॉन्क्लेव व इंटरनेशनल हैंडीक्राफ्ट कॉन्क्लेव तथा जनवरी में सिटी बैलून व बोट फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। फरवरी में महाशिवरात्रि, काशी फोटोग्राफी व पेंटिंग कार्यक्रम, मार्च में इंटरनेशनल फ्यूजन म्यूजिकल फेस्टिवल, अप्रैल में इंटरनेशनल लिट्रेेचर फेस्टिवल और मई में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि विभिन्न देशों के प्रतिनिधि मंडल को काशी के खास अनुभव के लिए तैयारियों को पुख्ता कर लिया जाए।