स्मार्ट सिटी के कार्यालय में कंट्रोल रूम में काम करते लोग
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स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की पूर्णता व प्रगति दर के आधार पर आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से 100 शहरों के लिए तिमाही रैकिंग जारी की गई है। स्मार्ट सिटी के तहत किए गए कार्यों के प्रदर्शन के आधार पर वाराणसी स्मार्ट सिटी को राष्ट्रीय स्तर पर पांचवां स्थान प्राप्त हुआ। इसके पहले वाराणसी की रैंकिंग प्रथम थी।
वाराणसी स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में राष्ट्रीय स्तर पर जनवरी 2020 में 13वां स्थान था। वहीं, अगस्त 2020 में 7वां स्थान मिला। सितंबर 2020 में वाराणसी को स्मार्ट सिटी परियोजना में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम मिला था। इस तिमाही में वाराणसी को पांचवा स्थान मिला है। पहले स्थान पर अहमदाबाद और वाराणसी से ऊपर इंदौर हैं, जबकि वाराणसी से नीचे तमिलनाडु का सलेम है। हालांकि यूपी में वाराणसी का पहला स्थान है।
स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र सरकार द्वारा बजट जारी किया जाता है। इसका उपयोग सुनियोजित तरीके से करते हुए विभिन्न स्मार्ट सिटी द्वारा गतिमान परियोजनाओं एवं कार्यों की जानकारी, निविदाएं, जारी कार्यादेश, व्यय, उपयोग किए गए बजट के संबंध में सूचनाएं पोर्टल पर अपडेट की जाती हैं। इसी आधार पर रैंकिंग जारी की जाती है। स्मार्ट सिटी के सीईओ गौरांग राठी ने बताया कि फाइनल रैंकिंग में हम लोगों की स्थिति बेहतर होगी। मार्च में वार्षिक रैंकिंग आएगी।
फंड की मार्किंग में वाराणसी को कम अंक
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से 49 करोड़ रुपये मिले। नियमानुसार राज्य की ओर से उतना ही अंशदान होना था। जो अब तक नहीं मिला। इसके वजह से फंड के मामले में 14 के बजाय 11 अंक मिला है। जिसकी वजह से रैंकिंग पिछड़ी है। आने वाली तिमाही में मेहनत करके रैंकिंग को सुधारा जाएगा।