कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा कि पिंडरा विधानसभा में विधायक की गुमशुदगी की तहरीर पर मुकदमा कायम करना अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटना है। जनप्रतिनिधि होने के नाते अगर वर्तमान विधायक अस्वस्थ हैं, तो मेडिकल रिपोर्ट को सार्वजनिक करें।
अजय राय ने कहा कि मैं भी पांच बार विधायक रहा हूं। क्षेत्र की जनता ने आधी रात में भी पुकारा है तो मैं हरसंभव मदद के साथ उपस्थित रहा। मैं आज भी पिंडरा की जनता के सुख-दुख में उपस्थिति रहता हूं, क्योंकि यह मेरा परिवार है। जनप्रतिनिधियों के कामकाज की आलोचना विपक्ष का लोकतांत्रिक हक ही नहीं उसे मिला अभिव्यक्ति की आजादी का संवैधानिक मौलिक अधिकार भी है।
उसे तभी रोका जा सकता है, जब वह अभिव्यक्ति किसी रूप में लोक व्यवस्था के लिये खतरा हो। क्षेत्र में बहुतेरे लोगों को जनप्रतिनिधि के उपलब्ध न होने के तथ्य पर आधारित आलोचना मानहानि नहीं कही जा सकती। आलोचना खारिज करने के लिए अभिव्यक्ति के अपने अधिकार का प्रयोग करें। उनके पास अनुपलब्धता का कोई जायज कारण है तो वह उसे भी जनता के बीच रखें, क्योंकि चुनाव जनता ने जिताया है। इसलिए जनता को समुचित जानकारी चाहिए।