पशु तस्करों के सिंडिकेट पर चोट के लिए कमिश्नरेट पुलिस अब आसपास के जनपदों की पुलिस का भी सहयोग लेगी। जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र पुलिस से समन्वय कर कार्रवाई होगी। पशु तस्करी में उपयोग वाहनों और लोडिंग स्थलों, रूट को चिह्नित करने के बाद संचालन पैटर्न का विश्लेषण किया जाएगा। पशु तस्करी गिरोह के गैंग लीडरों की पहचान पर भी विशेष जोर होगा।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मंगलवार देर शाम कैंप कार्यालय पर पशु तस्करी मामले की समीक्षा की। इस दौरान पशु तस्करी के सभी बरामदगी, गिरफ्तारियां, वाहन सिजिंग, पंजीकृत प्राथमिकी की समीक्षा में उन्होंने कहा कि तस्करी में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर और संगठित गिरोहों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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आपराधिक प्रवृत्ति के पशु तस्करों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली जाए और अन्य जनपदों से समन्वय स्थापित कर निगरानी के लिए पत्राचार किया जाए। पशु तस्करी में उपयोग वाहनों की जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर जब्त करें। आरोपियों के सीडीआर, व्हाट्सएप कॉल व मोबाइल विवरणों का विधिक रूप से विश्लेषण कर साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई करें।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि 2025 में पशु तस्करी के खिलाफ 42 प्राथमिकी में 111 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। 11 गैंगस्टर मामलों में 43 आरोपियों पर कार्रवाई हुई। 3 आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और 11 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था व मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध राजेश सिंह आदि रहे।