असलहा तस्करों के नेटवर्क पर वाराणसी के लंका पुलिस का शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस टीमें फॉरेंसिक जांच और कॉल डिटेल खंगाल रही हैं। पुलिस और सर्विलांस की संयुक्त टीम आरोपियों के नेटवर्क की परतें उधेड़ने में लगी हैं।
वाराणसी में लंका थाने के सिपाही अमित शुक्ला पर हुई जानलेवा फायरिंग और अवैध असलहा तस्करी के मामले में लंका पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों अंजनी झा, राजू तिवारी और राज विश्वकर्मा से पूछताछ के बाद लंका पुलिस और सर्विलांस टीम अब उनके पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुट गई है।
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पुलिस और सर्विलांस की संयुक्त टीम आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है। पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि यह गिरोह अवैध असलहे, कारतूस कहां से मंगाता था। पूर्वांचल और वाराणसी में इनके मुख्य खरीदार कौन-कौन थे और वह किसे यह असलहे सप्लाई करने वाले थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय असलहा तस्करों से जुड़े हो सकते हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।
फॉरेंसिक लैब भेजे गए बरामद असलहे
मुठभेड़ के दौरान और आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जो अवैध असलहे और कारतूस बरामद किए हैं, उन्हें फॉरेंसिक जांच प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। फॉरेंसिक टीम बैलिस्टिक जांच के जरिये यह पुष्टि करेगी कि बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सिपाही अमित शुक्ला को लगी गोलियां किस खास तरह के पिस्टल से चलाई गई थीं। डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करने वाले और अवैध हथियारों का कारोबार करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विवेचना में ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी ताकि आरोपियों को कड़ी-से-कड़ी सजा दिलाई जा सके।