दूसरे दिन शनिवार को थाना दिवस पर पहुंचे तो विपक्ष के लोग थाने पर पहले से ही बैठे हुए थे। इस दौरान इंस्पेक्टर संध्या सिंह को गेट और गोदाम से जुड़े सभी कागजात दिखाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं दूसरे दिन लोहे के गेट को विपक्ष के लोगों ने दबंगई से गोदाम पर लगवाकर जमीन पर कब्जा करने लगे। इंस्पेक्टर से गुहार लगाई कि जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और घंटों तक थाने पर बैठाए रखा। इसके बाद मुकेश साहू ने पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र देकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस आयुक्त ने गोपनीय जांच कराई तो मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ निकला और तत्काल प्रभाव से इंस्पेक्टर संध्या सिंह, चौकी इंचार्ज अमित सिंह को निलंबित करते हुए पूरे मामले में लीपापोती करने वाले एसएसआई ओमप्रकाश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि चेतगंज इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की गई। एसएसआई भी पूरे मामले में मूकदर्शक बने रहे।
स्वच्छता दूत डोमरी निवासी ट्रॉली चालक मंगल केवट से बदसलूकी करने वाले कालभैरव चौकी इंचार्ज सुरेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया। बुधवार को मामले की जांच एसीपी कोतवाली प्रवीण कुमार सिंह को सौंपी गई है।
चेतगंज थाना के नए प्रभारी बने परमहंस, लक्सा थानेदार भी बदले
पुलिस आयुक्त ने दो नए थाना पर प्रभारियों की तैनात दी। पुलिस लाइन से परमहंस गुप्ता को चेतगंज थाना का प्रभारी बनाया गया और जन शिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारी नरसिंह ओझा को लक्सा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब तक लक्सा थाने पर तैनात इंस्पेक्टर महातम यादव को भेलूपुर थाने पर भेजा गया।
'भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं'
पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने कहा कि कमिश्नरेट में भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा हाल ही जांच में भ्रष्टाचार में दोषी पाए गए कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। पुलिसकर्मी इस बात को जान लें कि अगर किसी की शिकायत मिलती है, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।