अस्सी स्थित पप्पू की अड़ी के पास धरना देकर बुलंद की आवाज
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपातकाल पर आधारित फिल्म ‘इंदू सरकार’ के समर्थन में काशी साहित्यकार उतर आए हैं। मधुर भंडारकर की रिलीज होने वाली फिल्म ‘इंदू सरकार’ का विरोध देशभर में कांग्रेस कर रही है।
इसकी जानकारी होने पर पीएम के संसदीय क्षेत्र काशी की उस अस्सी चौराहे से आवाज उठी जहां से तुलसीदास और रानी लक्ष्मीबाई का जुड़ाव है। इस फिल्म के रिलीज के पक्ष में काशी के कवि एवं साहित्यकारों के अलावा भाजपा नेताओं ने एक स्वर में फिल्म के रिलीज होने पर सहमति जताई और कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाए।
कहा- यह वही अस्सी है जहां वाटर जैसी फिल्म का विरोध हुआ था लेकिन आज वही इंदू सरकार के पक्ष में खड़ी है। काशी की प्राचीन साहित्यिक संघ एवं सामाजिक संस्था समकालीन विचार परिषद की ओर से अस्सी चौराहे पर मशहूर पप्पू की चाय की अड़ी के पास अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात के खिलाफ धरना दिया गया।
कवियों और साहित्यकारों ने पूछा कि फिल्म इंदू सरकार का विरोध क्यों किया जा रहा है। सचिव प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी है। ऐसे में किसी फिल्मकार के फिल्म का विरोध करना ठीक नहीं है।
कवि बद्री विशाल ने कहा कि कांग्रेस के लोग सच्चाई का गला घोंटना चाहते हैं। जब संस्कृति को अपमानित करने वाली फिल्म आती है तो कुत्सित मानसिकता वाली शक्तियां अभिव्यक्ति की आजादी की बात कह कर पक्ष में खड़े होते हैं।
वहीं इतिहास की हकीकत से मुंह मोड़ लेते हैं। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने तानाशाही का रवैया अपनाकर कई फिल्मों को बैन किया।