आराजी लाइन विकासखंड के प्राइमरी विद्यालय धनपालपुर पर मंगलवार को गांव के लोगों ने मतदान में धांधली का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि सोमवार को धनपालपुर प्राथमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर मतदान कर्मियों ने कहा कि प्रधान पद का बैलेट पेपर खत्म हो गया है जिससे मतदाताओं को सिर्फ जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य का मत पत्र मतदान के लिए दिया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए आशंका व्यक्त की है कि मतदान कर्मियों द्वारा धांधली कर फर्जी वोट डलवाया गया है। जिसका विरोध करने पर ग्रामीणों को मतदान कर्मियों ने पुलिस द्वारा लाठी भाज कर खदेड़ दिया गया। उधर, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बाद गांवों में गणना शुरू हो गई है। प्रत्याशियों के समर्थक अपने अपने पक्ष में गणना करने लगे कि किसको कितना वोट मिलेगा। चट्टी चौराहों पर बैठ कर गणना शुरू जारी है। कही कही तो लोग आपस मे जुबानी विवाद भी कर ले रहे है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
बाबा दादी चाचा चाची से आशीर्वाद लेने वाले नहीं दिखे
पिछले दिनों से लगातार गांव घर में दरवाजे दरवाजे दस्तक देकर बब्बा, आजी, चाचा, चाची, भैया भाभी की आवाज लगाने वाले प्रत्याशी मंगलवार को नहीं दिखाई पड़े। न तो उनकी अपील सुनाई पड़ी। रोज दिन में 4 बार झुक कर सलाम करने वाले और पैरों पर लेट कर आशीर्वाद मांगने वाले प्रत्याशी अपने अपने घरों में आराम करते रहे। प्रत्याशियों को संक्त्रस्मण फैलने और फैलाने का भय भी सताने लग। कल तक यही लोग हर घर दरवाजे बेरोकटोक चुनाव प्रचार कर रहे थे।
गांवों में पूरे दिन हार जीत की समीक्षा ग्रामीण करते रहे
पंचायत चुनाव के दूसरे दिन गांवों की अड़ीयों पर प्रत्याशियों के हार जीत पर चर्चाएं होती रहीं। मतदान होने के बाद वोटिंग प्रतिशत के आधार पर मतदाता तर्क वितर्क करते रहे। ज्यादातर निवर्तमान प्रधान तो अपनी हार मानते हुए सोशल मीडिया पर मैसेज पोस्ट कर दी। लगभग तीन माह से गांवों में फैली प्रत्याशियों व उनके कार्यकर्ताओं की चहलकदमी खत्म होने के बाद सन्नाटा फैल गया हैं। प्रत्याशी घर में आराम करते रहे।