इस दौरान कतार में खड़े एक फरियादी को अचानक चक्कर आ गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। नायब तहसीलदार संग्राम सिंह ने फरियादी को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया। सुंदरपुर निवासी बीरबल पटेल ने बताया कि वर्ष 2023 में सीमांकन की पुष्टि होने के बाद उनकी भूमि की मेड़बंदी का आदेश जारी हुआ था। तत्कालीन एसडीएम के आदेश के बावजूद तीन साल से तहसील का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक राजस्वकर्मी मेड़बंदी नहीं करा सके।
टोडरपुर निवासी रामकरण ने बताया कि आवंटन में मिली उनकी जमीन आराजी संख्या 509 ग पर सामुदायिक भवन का निर्माण करा दिया गया है। उन्होंने इसके बदले अन्यत्र भूमि आवंटित करने की मांग की। वहीं, गंजारी निवासी विपिन कुमार ने शिकायत की कि खतौनी के कन्वर्जन के दौरान आराजी संख्या 1318 से उनका नाम गायब हो गया। इस पर एसडीएम शांतनु कुमार सिनसिनवार ने मामले की जांच कर अभिलेख दुरुस्त करने का निर्देश दिया।