फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News:प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी और डॉ. के श्रीनिवासराव को मिला सृजन शिखर सम्मान

विज्ञापन
विज्ञापन
साहित्यकार डॉ. राजेंद्र प्रसाद पांडेय की स्मृति में नान्दी सेवा न्यास की ओर से दो दिवसीय समारोह का बुधवार को समापन हो गया। इस मौके पर संस्कृत के लिए प्रो. राधावल्लभ त्रिपाठी और हिंदी के लिए डॉ. के श्रीनिवास को सृजन शिखर सम्मान से नवाजा गया। वहीं, पांच युवा रचनाकारों को युवा सृजन शिखर सम्मान दिया गया। दो दिवसीय आयोजन के दौरान देश भर के साहित्यकारों ने शिरकत की।
विज्ञापन

बुधवार को नान्दी सेवा न्यास समिति की ओर से रथयात्रा स्थित कन्हैया लाल स्मृति भवन में आयोजित डॉ. राजेंद्र प्रसाद पांडेय स्मृति समारोह सम्मान में सृजन शिखर सम्मान के तहत एक लाख रुपये की धनराशि और सम्मान पत्र दिया गया। युवा सृजन शिखर सम्मान डाॅ. मीनाक्षी दुबे, डाॅ. प्रीति जयसवाल, डाॅ. शैलेश कुमार तिवारी, अंजू रंजन और गायत्री बाला को प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप सम्मान पत्र व 21 हजार रुपये की धनराशि दी गई। बलराम मिश्र की पुस्तकों व शोभनाथ शुक्ल की पत्रिका कथा समवेत का लोकार्पण किया गया।
तीसरे अकादमिक सत्र कथेतर गद्य की दुनिया और पांडेय जी का कथेतर साहित्य विषय को केंद्र में रखते हुए डाॅ. पूनम संजू ने शोध पत्र पढ़ा। अगली कड़ी में डाॅ. मुक्ता ने कहा कि डॉ. पांडेय की रचनाओं को पढ़कर यह मालूम होता है कि उन्होंने अपनी रचनाओं में आज की विसंगतियों से लड़ने की सफल चेष्टा की है। मुख्य वक्ता ओम निश्चल ने कहा कि हर लेखक अपने समय का व्यास होता है, वह अपने पीछे लिए बहुत कुछ छोड़ जाता है। डॉ. राजेंद्र पांडेय भी अपने समय के व्यास थे। अध्यक्षता राधेश्याम दुबे ने की। संचालन डाॅ. राजकुमार उपाध्याय मणि ने किया। चौथे अकादमिक सत्र के पूर्व स्व. राजेंद्र प्रसाद पांडेय के पौत्र वैष्णव रत्न ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम की सूत्रधार डाॅ. शशिकला पांडेय ने स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन यशोरत्न ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें