काशी की उभरती बाल कलाकार तबला सम्राट पं. किशन महाराज की पोती अवंतिका महाराज ने बुधवार को स्वतंत्र तबला वादन से संगीत प्रेमियों को आनंदित किया। उन्होंने बनारस घराने की बंदिशों को तबले पर साधा और अपने दादा जी की वादन परंपरा का सशक्त नेतृत्व का एहसास कराया। शिल्पायन की ओर से भेलूपुर में आयोजित संगीत संध्या में कलाकारों की प्रस्तुति हुई। अवंतिका ने इसका आगाज करते हुए ताल धमार एवं लक्ष्मीताल में उठान, कायदा, रेला, टुकड़ा, गत, परन, चक्करदार की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। हारमोनियम पर मोहित साहनी ने संगत की। शिल्पायन के उभरते हुए कलाकारों ने गायन पेश किया। इसमें श्रेयसी बेरा ने राग शंकरा, माधव गौतम ने राग मालकौंस और आयुष शर्मा ने राग रागेश्री में बंदिशें पेश कीं। संचालन पं. देवाशीष डे और धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. रागिनी सरना ने किया। इस मौके पर अवंतिका के पिता पं. पूरण महाराज, पं. किशोर मिश्र, हरि नारायण सारडा आदि रहे।