एक जुलाई से देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों को लेकर दीवानी कचहरी में अजीबोगरीब स्थिति है। इस मुद्दे पर कचहरी में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी बनारस बार एसोसिएशन के महामंत्री कमलेश सिंह यादव की ओर से जिला जज को भेजे गए पत्र में न्यायिक कार्य से विरत रहने की जानकारी दी गई। वहीं, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुरलीधर सिंह व महामंत्री सुरेंद्र नाथ पांडेय और बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने हड़ताल पर नहीं रहने संबंधी पत्र जिला जज को दिया। साथ ही, महामंत्री के पत्र का खंडन किया।
तीनों पदाधिकारियों ने कहा कि कोई बैठक नहीं हुई है। न कोई प्रस्ताव पारित हुआ है। इन परिस्थितियों में अदालतों में भी असमंजस की स्थिति बनी रही। उधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ से बार एसोसिएशन और प्रदेश बार काउंसिल से नए आपराधिक कानूनों का विरोध करने के लिए सुझाव मांगा गया है। इस बीच सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से नए कानून को लेकर एक संगोष्ठी शनिवार की दोपहर दो बजे से हुई। मुख्य अतिथि जिला जज संजीव पांडेय और विशिष्ट अतिथि पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल होंगे। यह जानकारी सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री सुरेंद्र नाथ पांडेय ने दी है।