टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनके सिर में गंभीर चोट लग गई और वह सड़क पर गिर पड़े। लोगों की मदद से घायल राजेश को तुरंत बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजेश की पत्नी सुनीता यादव महिलाओं के साथ भैरवनाथ मंदिर पहुंची ही थीं कि उन्हें पति की मौत की खबर मिली।
सूचना मिलते ही वह बदहवास हो गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। उनके साथ गई गांव की 24 महिलाओं ने भी यात्रा बीच में ही छोड़ दी। राजेश मिलनसार थे। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो बेटों लकी यादव (17) और गोलू यादव (15) को छोड़ गए । थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से थाने में कोई सूचना नहीं दी गई थी। ट्रॉमा सेंटर में मौत होने के बाद कानूनी कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
सड़क हादसे में किशोर की मौत, पंचकोशी मार्ग पर भारी वाहनों पर रोक की मांग
राजातालाब क्षेत्र में मंगलवार दोपहर सड़क हादसे में जुनैद उर्फ बाबू (15) की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बीरभानपुर ओदार गांव के पास सड़क पार करते समय पिकअप ने किशोर को टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन समेत भाग निकला। जुनैद उर्फ बाबू रानी बाजार का निवासी था।
घटना पंचकोशी परिक्रमा मार्ग पर दोपहर 1 बजे हुई। पुलिस ने कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों के अनुसार, जुनैद सावधानीपूर्वक सड़क पार कर रहा था, लेकिन वाहन की रफ्तार काफी तेज और अनियंत्रित थी। लोगों ने बताया कि हादसे में अन्य राहगीर भी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए।
मृतक तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था और उसकी चार बहनें हैं। पिता जमील ने अज्ञात चारपहिया वाहन चालक के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। थाना प्रभारी दयाराम ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। वहीं, हादसे के बाद स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने पंचकोशी परिक्रमा मार्ग पर भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने और छोटे वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग उठाई है।
मलमास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंचकोशी परिक्रमा कर रहे हैं। ऐसे में कंदवा, भीमचंडी, राजातालाब और जंसा मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर, पिकअप और मालवाहक वाहनों के कारण पदयात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई श्रद्धालु सड़क किनारे रात्रि विश्राम और भोजन बनाते हैं, जिससे मार्ग संकरा हो जाता है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे सकती है। समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से परिक्रमा अवधि के दौरान भारी वाहनों पर प्रतिबंध और जगह-जगह पुलिस तैनात कर गति नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग की है।