केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोरजे नेगी ने कहा कि हमें युद्ध नहीं बुद्ध चाहिए। यह भारतीय मिट्टी की ताकत थी जिसने एक राजकुमार को भगवान बना दिया। वह रविवार को संस्थान में संस्कृति मंत्रालय की ओर से आषाढ़ी पूर्णिमा पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुद्ध का ज्ञान भारत की विरासत है और गुरु पूर्णिमा के इस शुभ दिन पर यह शाक्यमुनि बुद्ध को हमारी सबसे बड़ी श्रद्धा होगी जब हम उनकी शिक्षा को आत्मसात करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नोरबू नाम का आई टूल रहा। यह टूल भगवान बुद्ध से संबंधित व बौद्ध धर्म से संबंधित स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय लगभग 100 से अधिक भाषाओं में जानकारी मुहैया कराएगा। इस दौरान आईबीसी के महासचिव शरत्से खेसूर रिनपोछे मौजूद रहे। संस्थान और बीएचयू के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संवाद