चौराहों से 200 मीटर तक की सड़कें अतिक्रमण से मुक्त रहें। अतिक्रमण हटाने की कार्ययोजना तैयार कर ठोस कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक पुलिस और थानाध्यक्ष आपस में समन्वय स्थापित कर यातायात संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएं और जाम न लगने दें। यह निर्देश रविवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर, थानाध्यक्षों और कमिश्नरेट के अफसरों को दिया।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि यातायात व्यवस्था में लगाए गये पुलिस बल की ड्यूटी प्वाइंट पर ही अफसर ब्रीफिंग करें। थाना प्रभारी सुगम यातायात को अपनी जिम्मेदारी समझें। विशेष दिन, समय व स्थान पर यातायात के दबाव का अध्ययन कर यातायात प्रबंधन किया जाए। यातायात दबाव वाले स्थानों पर ट्रैफिक एडवाइजरी कमेटी द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल किया जाए। यातायात के नियमों का उल्लंघन कर यातायात बाधित करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। ड्यूटी के दौरान जनता से दुर्व्यवहार न किया जाए और शालीनता के साथ पुलिस कर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। इस दौरान डीसीपी ट्रैफिक हृदेश कुमार, डीसीपी काशी प्रमोद कुमार, एडीसीपी काशी चंद्रकांत मीना, एडीसीपी वरुणा सरवरणन टी, एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय मौजूद रहे।
पूछे सवाल और उपाय, कहा- बनाएं कार्ययोजना
पुलिस आयुक्त ने सभी थानाध्यक्षों और टीआई से अलग-अलग पूछा कि उनके कार्यक्षेत्र में किस क्षेत्र में जाम लगता है। जाम सप्ताह के किन दिनों में अधिक लगता है। जाम दिन के किस समय में अधिक लगता है। अतिक्रमण, दुकानदारों द्वारा दुकान को आगे बढ़ाकर लगाने, येलो लाइन व जेब्रा लाइन न होने, सड़क के क्षतिग्रस्त होने, सड़क पर अवैध निर्माण, साइन बोर्ड के न होने या पुलिस की ड्यूटी न लगने में से किस कारण से जाम लगता है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि जाम वाले सभी स्थान के लिए अलग-अलग कार्ययोजना बनाएं। उसे यातायात पुलिस, थानाध्यक्ष, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और वीडीए के सहयोग से लागू किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस आयुक्त ने एडीसीपी ट्रैफिक को कहा कि ई-रिक्शा के रूट निर्धारण की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें।