दो दिन पहले बनारस में गंगा में नाव पलटने की घटना के बाद कमिश्नरेट की पुलिस ने अपनी सुरक्षा और एहतियात बढ़ा दिया है। नाविकों को निर्देश दिया है कि बगैर लाइफ जैकेट के किसी भी नाव पर यात्री न दिखें।
गंगा में नाव हादसे के दूसरे दिन कमिश्नरेट की पुलिस नौका संचालन को लेकर सख्त दिखी। निर्धारित क्षमता से अधिक 110 यात्रियों को लेकर जा रही एक नाव के नाविक और मालिक के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन न करने के आरोप में दशाश्वमेध थाने की पुलिस ने 13 नाविकों का शांतिभंग के आरोप में चालान किया है।
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जल पुलिस प्रभारी सधुवन राम गौतम ने दशाश्वमेध थाने में तहरीर दी। बताया कि एक नाव को शिवाला निवासी राजा साहनी गंगा में खतरनाक तरीके से चला रहा था। नाव में क्षमता से अधिक 110 यात्री सवार थे। नाव को दशाश्वमेध घाट पर खड़ा करा कर यात्रियों को सुरक्षित उतरवाया गया।
नाविक राजा साहनी और नाव मालिक शिवाला निवासी दीपू साहनी के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, महाकुंभ के मद्देनजर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने 25 सीट की क्षमता वाली नाव के संचालन पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि बगैर लाइफ जैकेट के किसी भी नाव पर यात्री न दिखें।
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पुलिस आयुक्त के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में 13 नाविकों को पकड़ कर जल पुलिस ने दशाश्वमेध थाने की पुलिस को सौंपा। सभी 13 नाविकों का शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया है। एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी ने कहा कि गंगा में नाव संचालन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का हर हाल में पालन करना ही होगा। अन्यथा कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।