कहां जा रहा स्कॉलरशिप का फंड
प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें खरीदने, कोचिंग संस्थानों, टेस्ट सीरीज, मॉक टेस्ट में भाग लेने और कठिन आर्थिक समय में शिक्षा जारी रखने में मदद करता है। कई छात्र सेमिनार और सम्मेलन, सर्टिफिकेशन और इंडस्ट्री-रेलेवेंट कोर्स कर रहे। लैपटॉप और टैबलेट जैसे जरूरी गैजेट्स खरीद रहे हैं। थीसिस की तैयारी, सबमिशन और रिसर्च में इसका इस्तेमाल हो रहा है।
संस्थान के कार्यवाहक निदेशक-डीन और आभा के महासचिव प्रो. सतीश कुमार सिंह ने कहा कि इससे स्कॉलरशिप से छात्रों का भविष्य ही संवरेगा। छात्र सलाहकार डॉ. अमिताव रक्षित ने कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि कौशल विकास के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ी हुई है।
पीएचडी के छात्र ने कुवैत में पढ़ा शोध पत्र
बीएचयू में इतिहास विभाग के पीएचडी छात्र अतुल कुमार गुप्ता ने कुवैत में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध प्रस्तुत किया। अतुल ने बर्मा में भारतीय प्रवासन विषय पर रिसर्च पढ़कर सुनाया। गल्फ यूनिवर्सिटी फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में सोसाइटी फॉर ग्लोबल नाइनटीथ सेंचुरी स्टडीज आधारित संगोष्ठी ‘ट्रांसलेशन, ट्रांसपोर्टेशन और यात्रा’ थीम पर हो रही थी।
अतुल ने उपनिवेशकालीन दौर में दक्षिण एशियाई प्रवासन और ऐतिहासिक बदलावों के नए आयामों को बताया है। अतुल बीएचयू के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. घनश्याम के निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं। अतुल को शोध यात्रा के लिए एसआरआईसीसी, बीएचयू से अंतरराष्ट्रीय यात्रा सहायता मिली है। यूजीसी सीनियर रिसर्च फेलोशिप के प्राप्तकर्ता भी हैं।