जिले के 425 माध्यमिक विद्यालयों के पुस्तकालयों में छात्रों को पढ़ने के लिए रीडिंग कॉर्नर बनाए जाएंगे। छात्र-छात्राओं में पढ़ने की प्रवृत्ति विकसित करने के मकसद से ऐसी व्यवस्था की जाएगी। इसमें ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही पुस्तकालयों के सुचारु रूप से संचालन के लिए स्टूडेंट लाइब्रेरी काउंसिल का गठन किया जाएगा। यह काउंसिल पुस्तकालयों का संचालन करेगी।
इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा का निर्देश पत्र सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि पुस्तकालय विद्यालय का महत्वपूर्ण अंग है। इसमें उपलब्ध सुविधाएं छात्रों के पढ़ने और समझने में सहयोग प्रदान करेंगी। साथ ही विद्यार्थियों की मौखिक एवं लिखित भाषा सुदृढ़ होगी। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना और बजट में प्रदेश के 2306 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय के सुदृढ़ीकरण के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।
पुस्तकालय पर इसलिए विशेष ध्यान दिया गया है कि विद्यार्थी स्वयं वहां जाकर अध्ययन करें और अपना ज्ञान बढ़ाएं। इससे छात्रों में स्वाध्याय की आदतों का विकास होगा। उन्हें विभिन्न तरह की पुस्तकों के अध्ययन का अवसर भी मिलेगा। पुस्तकालय प्रतिदिन विद्यालय खुलने की अवधि में खुले रहेंगे। पुस्तकालय की व्यवस्था होने से छात्रों के साथ-साथ विद्यालय के सभी अध्यापक भी उसमें अध्ययन कर अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकेंगे और उनके खाली समय का सदुपयोग भी होगा। पुस्तकालय में दुर्लभ पुस्तकें पढ़ने का भी अवसर विद्यार्थियों को मिलेगा। पुस्तकालयों में दिव्यांग विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए विशेष व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। हर विद्यालय में एक सहायक अध्यापक या प्रवक्ता को पुस्तकालय का प्रभारी नामित किया जाएगा, जो उसका संचालन करता रहेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने कहा कि अभी इस तरह का दिशा निर्देश नहीं मिला है। आएगा तो उसके हिसाब से विद्यालयों में लाइब्रेरी का संचालन कराया जाएगा।
जिले में माध्यमिक विद्यालय
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