राजातालाब में लगने वाले रथयात्रा मेले का रथ काशीराज परिवार के सदस्य ही खींचते हैं। सात और आठ जुलाई को लगने वाले रथयात्रा मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रथयात्रा की शुरुआत राजातालाब स्थित महाराज के पुराने किले में स्थित महाराज बलवंत सिंह महाविद्यालय परिसर से होगी।
सात जुलाई से शुरू होने वाले रथयात्रा मेले में काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह रथ खीचेंगे और इसके बाद श्रद्धालु हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए रथ को खींचकर भैरव तालाब तक ले जाते हैं। इस समय रथ की मरम्मत का कार्य चल रहा है। ठाकुर जी के मंदिर में रथ को ठीक किया जा रहा है। निर्माण कार्य की देखरेख राजेश्वर नारायण सिंह कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रथ को दुरुस्त किया जा रहा है। दूसरी ओर राजातालाब के प्राचीन किले में काशीराज परिवार के अनंत नारायण का दरबार लगाने की तैयारी की जा रही है। दरबार का रंग रोगन कर दिया गया है और क्षेत्र के सम्मानित लोगों को निमंत्रण पत्र भेजा जा चुका है।
रथयात्रा के दिन रथ को खींचने से पूर्व अनंत नारायण सिंह अपने नजदीकियों से बातचीत करने और नजराना प्राप्त करने की रस्म निभाते हैं। क्षेत्र के जक्खिनी, वीरभानपुर, मोतीकोट, बखरिया आदि गांव के लोगों को निमंत्रित करने की परंपरा चली आ रही है। जक्खिनी निवासी अमरेश्वर नारायण सिंह, मोतीकोट निवासी तोयज सिंह और बखरियां निवासी राजेश सिंह बताते हैं कि वे लोग महाराज के साथ दरबार में विचार विमर्श करते हैं और सभी लोगों का हाल-चाल लेते हैं। रथ भैरव तालाब में दो दिन लक्ष्मी नारायण पर मंदिर पर रुका रहता है और श्रद्धालु भक्तजन भगवान जगन्नाथ के दर्शन पूजन करते हैं।