उन्होंने भक्त सुदामा के चरित्र का भी मार्मिक वर्णन किया। कहा कि भगवान अपने भक्तों की सदैव परिपूर्णता का ध्यान रखते हैं। बस उनके चरणों में स्वयं को समर्पित करने की आवश्यकता है। श्रद्धा से प्रभु को याद करें, थोड़ा अर्पण करें और उनकी कृपा से मनोवांछित फल एवं समृद्धि प्राप्त करें। इसके लिए प्रभु पर अटूट विश्वास, भरोसा और समर्पण जरूरी है।
सात दिनों में यज्ञ एवं श्रीमद्भागवत पारायण पूर्ण होने पर आचार्य श्री कलाधर गुरु ने हवन कर पूर्णाहुति कराई। भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। संस्था के अध्यक्ष अशोक कसेरा ने अतिथियों और कथा समारोह में सहयोग करने वालों को सम्मानित किया। इस मौके पर विनोद कसेरा, भइयालाल, मनीष कसेरा, सोनू कसेरा, विष्णु कसेरा मौजूद रहे।