पंचमुखी हनुमानजी से मांगी जाती है अनुमति
आयोजन समिति सदस्य रामयश मिश्र ने बताया कि जब भगवान डोली में बैठकर जब बेनीराम बाग पहुंचते हैं। उनके पूजन आरती करने के पश्चात बेनिराम में स्थित पंचमुखी हनुमानजी की आरती की जाती है। उनसे रथ यात्रा मेले की अनुमति ली जाती है। फिर तीन दिवसीय रथयात्रा मेला 3 बजे भोर में भगवान जगन्नाथ की आरती करने के बाद फिर पंचमुखी हनुमानजी की आरती कर उनसे भगवान को फिर से जगन्नाथ मंदिर ले जाने की अनुमति मांगी जाती है।
225 साल से ये प्राचीन परंपरा चली आ रही है। तीन दिवसीय रथ यात्रा मेले में भगवान जगन्नाथ की जितने बार भोग व आरती होती है, उतने बार ही पंचमुखी हनुमानजी को भी भोग और आरती होती है। इस अवसर पर ट्रस्ट श्रीजगन्नाथजी के सचिव शैलेश त्रिपाठी, न्यासी सुमित राय, उत्कर्ष श्रीवास्तव आयोजन समिति के रामयश मिश्र, आशु त्रिपाठी, हिमांशु राय, दिलीप मिश्रा, यज्ञ नारायण मिश्रा मौजूद रहे।