पंचक्रोशी परिक्रमा पथ का विकास हुआ : उन्होंने बताया कि पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के पांच प्रमुख पड़ावों- कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर व कपिलधारा का व्यापक विकास कराया गया। पंचकोशी मार्ग चौड़ीकरण पर लगभग 97 करोड़ रुपये और धार्मिक एवं पर्यटन विकास पर लगभग 39.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 42 धर्मशालाओं, तालाबों, घाटों एवं तीर्थ सुविधाओं का विकास किया गया। सारनाथ में बुद्ध थीम पार्क, प्रकाश एवं ध्वनि शो, पर्यटक आवास गृहों में सुविधाएं विकसित की गईं। सारंगनाथ मंदिर विकास एवं बौद्ध पर्यटन सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए।
36,211 करोड़ की योजनाएं हुईं पूरी : प्रभारी मंत्री ने कहा कि 12 वर्षों में 36,211 करोड़ से ज्यादा की लागत की मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास और पुलिस कल्याण आदि से संबंधित 536 मुख्य वृहद परियोजनाएं पूरी कराई गईं। लगभग 25,000 करोड़ से ज्यादा लागत की विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
22,829 करोड़ से अधिक लागत से रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग एवं सेतु निर्माण संबंधी 127 परियोजनाओं का निर्माण पूरा कराया गया है।
12 साल में काशी का सांस्कृतिक-धार्मिक पुनर्जागरण
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी ने अपनी प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनाया गया। बाबा विश्वनाथ के धाम को भव्य, दिव्य और विश्वस्तरीय स्वरूप प्रदान किया गया। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं। नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा घाटों का व्यापक पुनर्विकास, सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरणीय संरक्षण सुनिश्चित किया गया।