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Varanasi News: 2017 में काशी की जीडीपी 22,586 करोड़ थी, अब 56,900 करोड़ पहुंच गई; सुरेश खन्ना ने दी जानकारी

Sun, 14 Jun 2026 02:20 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी के सर्किट हाउस में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में काशी की जीडीपी 22,586 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 56,900 करोड़ रुपये पहुंच गई है। उन्होंने इसे विकास योजनाओं और निवेश का परिणाम बताया।
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सर्किट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते सुरेश खन्ना। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: यूपी के वित्त मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने सर्किट हाउस में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उपलब्धियां गिनाईं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। 2017 में जिले की जीडीपी 22,586 करोड़ रुपये थी जो अब बढ़कर 56,900 करोड़ रुपये पहुंच गई है। जिले के प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 1,14,685 रुपये हो गई है। यह प्रगति जिले की सुदृढ़ आर्थिक क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है। 

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प्रभारी मंत्री ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में वाराणसी ने विरासत और विकास के समन्वित मॉडल के रूप में पूरे देश को नई दिशा प्रदान की है। धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव की रक्षा करते हुए आधुनिक आधारभूत संरचना, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं एवं तीव्र आर्थिक विकास की दिशा में काशी ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वाराणसी उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे भारत के परिवर्तन, सुशासन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण एवं समग्र विकास का प्रेरणादायी मॉडल बन चुका है। काशी की यह विकास यात्रा नए भारत के निर्माण को निरंतर ऊर्जा, दिशा और प्रेरणा दे रही है। 

 पहले बेरोजगार युवकों को अपने प्रमाण पत्रों को प्रमाणित कराने के लिए राजपत्रित अधिकारी के पास जाना होता था। प्रधानमंत्री ने पहले वर्ष में ही सेल्फ अटेस्टेड की व्यवस्था बनाई। उत्तर प्रदेश में 10 स्मार्ट सिटी बनाया गया जबकि प्रदेश के 7 सिटी को उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट सिटी बनाया। 

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पंचक्रोशी परिक्रमा पथ का विकास हुआ : उन्होंने बताया कि पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के पांच प्रमुख पड़ावों- कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, शिवपुर व कपिलधारा का व्यापक विकास कराया गया। पंचकोशी मार्ग चौड़ीकरण पर लगभग 97 करोड़ रुपये और धार्मिक एवं पर्यटन विकास पर लगभग 39.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 42 धर्मशालाओं, तालाबों, घाटों एवं तीर्थ सुविधाओं का विकास किया गया। सारनाथ में बुद्ध थीम पार्क, प्रकाश एवं ध्वनि शो, पर्यटक आवास गृहों में सुविधाएं विकसित की गईं। सारंगनाथ मंदिर विकास एवं बौद्ध पर्यटन सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। 

36,211 करोड़ की योजनाएं हुईं पूरी : प्रभारी मंत्री ने कहा कि 12 वर्षों में 36,211 करोड़ से ज्यादा की लागत की मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास और पुलिस कल्याण आदि से संबंधित 536 मुख्य वृहद परियोजनाएं पूरी कराई गईं। लगभग 25,000 करोड़ से ज्यादा लागत की विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 

22,829 करोड़ से अधिक लागत से रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग एवं सेतु निर्माण संबंधी 127 परियोजनाओं का निर्माण पूरा कराया   गया है। 
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12 साल में काशी का सांस्कृतिक-धार्मिक पुनर्जागरण 
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काशी ने अपनी प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्व मंच पर स्थापित किया है। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनाया गया। बाबा विश्वनाथ के धाम को भव्य, दिव्य और विश्वस्तरीय स्वरूप प्रदान किया गया। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुईं। नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा घाटों का व्यापक पुनर्विकास, सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरणीय संरक्षण सुनिश्चित किया गया। 
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