जिलाधिकारी ने यूपीसीडा को राजातालाब और पिंडरा में भी एक-एक फ्लैटेड फैक्टरी के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का सर्वे करने को कहा है। इन क्षेत्रों में फैक्टरिया बनने से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने गांव के नजदीक ही रोजगार मिलेगा। प्लग एंड प्ले सिस्टम पर आधारित होंगी इकाइयां: उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त मोहन कुमार शर्मा ने बताया कि सभी इकाइयां प्लग एंड प्ले सिस्टम पर होंगी।
सरकार उद्यमियों को पूरी इकाई तैयार कर देगी। फ्लैटेड फैक्ट्री में 6 फ्लोर पर 72 इकाइयां विकसित की जाएंगी। बनारसी साड़ी से लेकर कपड़े, लकड़ी के खिलौने, ऑर्गेनिक फूड समेत कई उत्पाद तैयार हो सकेंगे। उद्यमियों को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। इसमें गाड़ियों के पार्किंग से लेकर लिप्ट की भी व्यवस्था होगी।
यह है फ्लैटेड फैक्टरी
फ्लैटेड फैक्टरी एक बहुमंजिला इमारत होती है, जहां एक ही छत के नीचे अलग-अलग फ्लोर पर कई छोटी औद्योगिक इकाइयां काम कर सकती हैं। यह मॉडल उन शहरों के लिए वरदान है जहां औद्योगिक भूमि की कमी है। इसमें बिजली, पानी, सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण जैसे बुनियादी संसाधन साझा होते हैं, जिससे उद्यमियों की लागत कम आती है।