दवा विक्रेताओं ने पुलिस हस्तक्षेप को रोकने, विभागीय जांच सुव्यवस्थित करने, प्रतिबंधित दवाओं की सूची जारी करने की मांग की है। यह भी बताया कि आयुक्त ने प्रतिनिधियों को यह आश्वस्त किया है कि किसी भी दवा कारोबारी को अनावश्यक रुप से परेशान नहीं किया जाएगा।
Varanasi News: पूर्वांचल में कफ सिरफ प्रकरण में चल रही कार्रवाई के बीच दवा विक्रेताओं ने शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रौशन जैकब से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट यूपी के पदाधिकारियों ने आयुक्त के सामने व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
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कहा कि एक महीने से चल रही कार्रवाई में पुलिसिया हस्तक्षेप की वजह से दवा कारोबारियों का उत्पीड़न हो रहा है। इस वजह से दवा कारोबारी डरे, सहमे हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए। साथ ही प्रतिबंधित दवाओं की सूची भी जारी होनी चाहिए, जिससे कि दवा कारोबारी व्यापार कर सके।
आर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष दिवाकर सिंह और महामंत्री सुधीर अग्रवाल ने डॉ. रौशन जैकब को जो ज्ञापन दिया है, उसमें वाराणसी में सप्तसागर मंडी के बारे में बताया कि पूर्वांचल के करीब 15 जिलों के दवा विक्रेता यहीं से दवा लेने आते हैं।
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कहा कि संस्था हमेशा से नशे की दवाओं के खिलाफ है और सभी कारोबारी जांच में सहयोग भी कर रहे हैं। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पुलिस जांच के नाम पर सभी दवा कारोबारियों का उत्पीड़न कर रही हैं। दवा विक्रेता समिति वाराणसी के महामंत्री संजय सिंह ने बताया कि प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने एक-एक कर सभी समस्याओं को खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन आयुक्त के समक्ष रखा है।