जिला जज की अदालत में ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले की वादिनी राखी सिंह की तरफ से मंगलवार को कर करमाइकल लाइब्रेरी के मलबे में मिली गणेश लक्ष्मी की मूर्ति को संरक्षित करने की मांग की गई। इसके साथ ही ज्ञानवापी में अधिवक्ता आयुक्त की ओर से हुए सर्वे में मिले शिवलिंग के कार्बन डेटिंग कराने के लिए चार वादिनी की मांग का विरोध भी किया गया।
वादिनी राखी सिंह के प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह बिसेन की ओर से दिए गए आवेदन में मांग की गई है कि काशी विश्वनाथ मंदिर सुंदरीकरण के दौरान करमाइकल लाइब्रेरी के मलबे से हजारों वर्ष पुरानी गणेश लक्ष्मी की मूर्ति मिली है। यह वाद के निपटारे में काफी सहायक साबित हो सकती है। ऐसे में इसे संरक्षित किया जाए। इसके साथ ही ज्ञानवापी सर्वे में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग के लिए चार अन्य महिला वादियों के अधिवक्ता विष्णु जैन की तरफ से दिए गए आवेदन का विरोध भी किया गया है।
आवेदन में कहा गया है कि बरामद शिवलिंग का कुछ अंश ड्रोन करके निकाला जाएगा और कार्बन डेटिंग के लिए जाएगा। ऐसे में शिवलिंग खंडित हो जाएगा और हिंदू धर्म में खंडित मूर्ति की पूजा नहीं की जाती है। 29 सितंबर को इन आवेदनों पर जिला जज की अदालत में सुनवाई होगी। इसके साथ ही ऑर्डर 1 रूल 10 के तहत पक्षकार बनने और अधिवक्ता विष्णु जैन की तरफ से सर्वे में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग के आवेदन पर भी आदेश आ सकता है। 27 सितंबर को ही अदालत में वाद के बिंदु तय होने के साथ ही अन्य मामलों में भी सुनवाई होगी।
भड़काऊ बयान देने के मामले में सुनवाई आज
वाराणसी। शृंगार गौरी मामले में मिले शिवलिंग के पास वजू करने और भड़काऊ बयान देने और नारेबाजी कर हिंदुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का मामला सुनवाई योग्य है या नहीं पर अब बुधवार को सुनवाई होगी। इस मामले में एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शहर काजी व मौलवी समेत सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है।
एसीजेएम पंचम एमपी एमएलए उज्ज्वल उपाध्याय की कोर्ट में मंगलवार को होने वाली सुनवाई पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर रहने के कारण टल गई। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर रहने के कारण प्रकरण लिंक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हुआ। लेकिन मामले के आरोपी एमपी व एमएलए के होने के कारण संबंधित एमपी एमएलए कोर्ट में ही सुनवाई के लिए अदालत ने बुधवार 28 सितंबर की तिथि नियत कर दी। यह वाद वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय की तरफ से दाखिल किया गया है, जिसे सुनवाई योग्य माना जाए या नहीं पर निर्णय होना है।