रिपोर्ट के अनुसार देश के 744 जिलों और 20,659 गांवों का सर्वे किया गया। इसके तहत 3,22,033 ग्रामीण परिवारों और 1,03,607 सार्वजनिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक शौचालय परिसरों का निरीक्षण किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक 93 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।
इनमें से 95 प्रतिशत परिवार नियमित रूप से शौचालय का उपयोग करते मिले। 98 प्रतिशत परिवार सुरक्षित तरीके से हाथ धोते पाए गए। इनमें 88 प्रतिशत परिवार साबुन और पानी दोनों का इस्तेमाल करते मिले। 58 प्रतिशत परिवार जैविक और अजैविक कचरे को अलग-अलग करते पाए गए।
47 प्रतिशत परिवार गैर-जैविक कचरे को कबाड़ी वालों को बेचते हैं। 39 प्रतिशत गांवों में कम्युनिटी सैनिटरी कॉम्प्लेक्स मिले, जिनमें 98 प्रतिशत चालू हालत में थे। इनमें से 70 प्रतिशत परिसरों के शौचालय साफ और उपयोग योग्य पाए गए।