बैठक में स्थलों के चयन, गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता, सुरक्षित परिवहन, सिंचाई, संरक्षण, जियो टैगिंग और विभागवार जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्थलों पर पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं और पौधारोपण के बाद उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिकतम पौधे जीवित रह सकें।
राज्यमंत्री ने नगर के प्रत्येक वार्ड में एक उपयुक्त स्थान या चौराहे पर पौधे रखकर वार्डवासियों को निःशुल्क वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बनारस की पहचान को ध्यान में रखते हुए पान और कत्था के साथ शहतूत, अर्जुन, चिरौंजी, महुआ तथा बेल जैसे पौधों के रोपण और वितरण पर भी जोर दिया। साथ ही मुख्यालय को जोड़ने वाली चौड़ी सड़कों, उनके मीडियन, औद्योगिक क्षेत्रों, विकसित हो रही टाउनशिप, बस स्टॉप और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में भी सघन वृक्षारोपण कराने को कहा।
उन्होंने विद्यालयों में बच्चों के बीच गीत, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। डीएम सत्येंद्र कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों से विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में पौध भंडारा आयोजित कर किसानों और ग्रामीणों को पौधे वितरित करने तथा प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।