किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और गैर कृषि उत्पादक कंपनियों (ओएफपीओ) को सशक्त बनाने को लेकर तीन दिवसीय तरंग सामूहिकता का उत्सव प्रदर्शनी का उद्धाटन सोमवार को सिगरा स्थित रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में हुआ। नाबार्ड की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में उत्पादकों और खरीदारों को साझा मंच प्रदान किया गया। प्रदर्शनी में कृषि उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, मसाले, हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों के स्टाॅल लगाए गए हैं। उद्धाटन मुख्य अतिथि नाबार्ड के सीजीएम संजय कुमार डेरा और जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने किया।
19 जून तक चलने वाली प्रदर्शनी के बारे में नाबार्ड के सीजीएम संजय कुमार डेरा ने बताया कि तरंग का उद्देश्य एफपीओ, ओएफपीओ को उनके स्वदेशी कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, हथकरघा और हस्तशिल्पियों को सीधे उपभोक्ताओं के सामने प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना है। इस दौरान ग्रामीण उद्यमशीलता के तहत भी आयोजन होंगे। इसमें उत्पादों को ई-कॉमर्स से जोड़ना, बाजार तक पहुंचाना और उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।
नाबार्ड के एजीएम अनुज कुमार सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी में वाराणसी, जौनपुर, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, हरदोई, बरेली, सीतापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, औरैया, कुशीनगर, बदाऊं, मऊ और लखनऊ के 40 एफपीओ, ओएफपीओ भाग ले रहे हैं। इस दौरान एसएफएसी के उप परियोजना समन्वयक देविदत्त मोहंती, एलडीएम अवनीश अग्रवाल, बैंक ऑफ बड़ौदा के आरएम डीके तिवारी, ओएनडीसी के सलाहकार आशुतोष शर्मा आदि रहे।