मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। व्यवस्थित सहयोग से ज्ञान-अनुभव को एक-दूसरे से साझा करना होगा। बदलती शैक्षणिक और सामाजिक जरूरतों के बीच जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ ऐसे कनेक्टेड इको सिस्टम के निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रहा है, जहां सामूहिक सोच संस्थानों को मजबूत बनाने और छात्रों को लर्निंग के बेहतर अवसर देने में मदद करती है।
जयपुरिया लखनऊ कॉलेज डीन (एकेडमिक्स) डॉ. हेमेंद्र गुप्ता ने कहा, उच्च शिक्षा का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि संस्थान कैसे साझा सीख को समुदायों के लिए अनुकूल परिणामों में बदल सकते हैं।
इस यात्रा में शिक्षकों को सम्मानित करना भी है, क्योंकि उनका विकास ही शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता को तय करता है। पहली पैनल चर्चा, 'अगले दशक के लिए उच्च शिक्षा की नई परिकल्पना' का संचालन जयपुरिया की प्रोफेसर डॉ. गुप्ता ने किया।
दूसरी चर्चा, 'सहयोग के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार संस्थानों का निर्माण' का संचालन चेयरपर्सन डॉ. शालिनी सिंह ने किया। इसके बाद फैकल्टी सदस्यों को शिक्षण और शैक्षणिक नेतृत्व में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दाैरान कार्यक्रम में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट अवध किशोर त्रिपाठी भी माैजूद रहे।