नगर निगम की सदन की वर्चुअल बैठक 19 अक्तूबर को बुलाई गई है, लेकिन इसमें पेच फंस गया है। दरअसल साधारण सभा की बैठक बुलाने से पूर्व कार्यकारिणी की बैठक कराना अनिवार्य है। मौजूदा कार्यकारिणी के छह सदस्यों का कार्यकाल 17 जुलाई को ही खत्म हो गया है। ऐसी स्थिति में भाजपा कोटे से तीन, सपा से एक, कांग्रेस से एक और निर्दल कोटे से एक पार्षद कार्यकारिणी सदस्य चुने जाएंगे। इसे लेकर नगर निगम के अधिकारी अध्ययन करने में जुट गए है। माना जा रहा है। सदन की बैठक से एक सप्ताह पूर्व कार्यकारिणी का चुनाव 12 अक्तूबर तक हो जाएगा।
कार्यकारिणी के सदस्यों में भाजपा दक्षिणी से नरसिंह दास बाबा, कैंट से राजेश यादव चल्लू, पूर्णमासी गुप्ता का कार्यकाल समाप्त हो गया है। सपा से गोपाल यादव, कांग्रेस से सलीम और निर्दल अजीत सिंह का कार्यकाल समाप्त हो गया है। यदि कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ तो सदन की बैठक की वैधानिकता पर सवाल खड़े हो जाएंगे। अपर नगर आयुक्त देवीदयाल वर्मा ने बताया कि नगर निगम अधिनियम के तहत साधारण सभा की बैठक से पूर्व कार्यकारिणी का गठन जरूरी है। इसे देखते हुए कार्यकारिणी का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद सदन की बैठक निर्धारित तिथि पर होगी। इसके लिए सोमवार को रूपरेखा तैयार की जाएगी। बीते 17 जुलाई 2018 को कार्यकारिणी का गठन हुआ था। 12 सदस्य चुने गए थे। 27 जून 2019 को लाटरी के जरिए छह सदस्य निष्कासित किए गए थे। इन खाली सीटों पर 16 नवंबर 2019 को चुनाव कराया गया था। जिनमें सीताराम केसरी, विजय सिंह, मनोज साह, बबलू साह, सुशील गुप्ता, शिवप्रकाश चुने गए थे। अब 17 जुलाई को चुने गए बाकी के छह सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। ऐसी स्थिति में इन पर चुनाव कराना वैधानिक है।