उन्होंने बताया कि नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा-175 एवं 177 के अनुसार धार्मिक स्थल गृहकर से तो मुक्त हैं लेकिन, जल कर और सीवर कर से मुक्त नहीं किया गया है। यदि कोई उपासना स्थल 80 जी की परिधि में आते हैं, तो उन्हें सीवर कर व जल कर में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 80 जी प्रमाणपत्र उन गैर-लाभकारी संगठनों को दिया जाता है जो समाज के विभिन्न वर्गों की भलाई के लिए स्थापित किए जाते हैं।
नगर आयुक्त ने साफ किया कि नगर निगम की ओर से किसी भी धार्मिक स्थल पर कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है। नगर निगम की ओर से ऐसे सभी धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है ताकि उन्हें करमुक्त किया जा सके। कोतवाली जोन में अब तक 40 मंदिरों, छह मस्जिदों और एक गुरुद्वारे को चिह्नित किया गया है।
पातालपुरी मठ को नोटिस दिए जाने के संबंध में नगर आयुक्त ने कहा कि भवन संख्या के 66/3 और के 66/4, पातालपुरी मठ पर संपत्ति कर बकाया होने की दशा में सात नवंबर को नोटिस ऑफ डिमांड जारी किया गया था। पातालपुरी मठ के प्रतिनिधि की ओर से नोटिस ऑफ डिमांड पर नौ नवंबर को कर मुक्त करने के लिए आवेदन दिया गया। नगर निगम ने इसे संज्ञान में लेते हुए तत्काल गृहकर मुक्त कर दिया।