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रिश्तों का उल्टा गणित: शादी से ज्यादा तलाक, 365 दिन में 1500 शादियां, कोर्ट में तलाक के 2250 मामले

Fri, 27 Feb 2026 11:30 AM IST
Pragati Chand रवि प्रकाश सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में शादी से ज्यादा तलाक के मामले कोर्ट पहुंच रहे हैं। इनमें शादी के तीन साल के अंदर के ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं 15 साल साथ रहने के बाद भी कई दंपती अलग होने के लिए मुकदमा दायर कर रहे हैं। 
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शादी से ज्यादा तलाक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सात फेरे लेकर साथ निभाने का वादा करने वाले जोड़े अब पहले से जल्दी अदालत की चौखट तक पहुंच रहे हैं। बनारस में 365 दिनों में 1500 शादियां हुई, वहीं फैमिली कोर्ट में 2250 वैवाहिक विवाद के मामले दाखिल हुए। यानी रिश्तों का गणित उल्टा है। शादी कम, अलगाव ज्यादा हो रहे हैं। हर महीने औसतन 188 आवेदन और रोज छह मामले एक-दूसरे से अलग होने के लिए अदालत पहुंच रहे हैं। 833 मामलों में आदेश भी आ चुके हैं।

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अधिवक्ता भरत सिंह का कहना है कि शुरुआती तीन साल नवविवाहित जोड़ों के लिए सबसे अहम होते हैं। इसी अवधि में सबसे अधिक तलाक और अलगाव के मामले सामने आ रहे हैं। कई मामलों में तो शादी के कुछ ही महीनों के भीतर विवाद गहराकर अदालत तक पहुंच गया। चौंकाने वाली बात यह भी है कि 15 साल साथ रहने के बाद भी कई दंपती अलग होने के लिए मुकदमा दायर कर रहे हैं। 

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शादी के तीन साल अहम

फैमिली कोर्ट में ज्यादातर पति-पत्नी के बीच अलगाव के मामले शादी के तीन साल के अंदर के हैं। इसमें भी खासकर 25-30 साल के अंदर की महिलाएं और पुरुष हैं।  
 
अदालत में दाखिल मामलों के पांच प्रमुख कारण अलगाव के
फैमिली कोर्ट की अधिवक्ता सारिका दूबे ने बताया कि ज्यादातर मामले सच्चाई छिपाकर शादी करके, नौकरी या पारिवारिक स्थिति की सही जानकारी न देने। पहले के प्रेम संबंध, शादी के बाद पुराने रिश्तों का खुलासा और इसके बाद विवाद होना। दहेज प्रताड़ना, आर्थिक मांग और उत्पीड़न के आरोप के मामले ज्यादा हैं। एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर्स और नशे की लत होना। वहीं, कुछ मामले नपुंशकता से जुड़े भी आते हैं। फैमिली कोर्ट में पहले काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है। कई मामलों में सुलह भी हो जाती है, लेकिन बड़ी संख्या में जोड़े समझौते तक नहीं पहुंच पा रहे। पूर्व पुस्तकालय मंत्री अधिवक्ता राधेश्याम शर्मा ने बताया कि कुछ ऐसे भी मामले सामने आए जो शादी के 15 साल बाद अलगाव के लिए कोर्ट में दाखिल हुए।
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833 मामलों में ऑर्डर

एक साल में कोर्ट में 833 मामलों का निस्तारण किया।
जनवरी 70
फरवरी   34
मार्च 108
अप्रैल 73
मई 116
जुलाई 111
अगस्त 41
सिंतबर 84
अक्तूबर 64
नवंबर 43
दिसंबर 87
कुल 833
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