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Varanasi : अयोध्या में बनेगा मातृ धाम, माताओं के साथ विराजेंगे चारों भाई; मंदिर निर्माण के लिए जमीन की तलाश

Fri, 19 Apr 2024 05:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

इसमें माता कौशल्या की गोद में भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा होगी। इसके लिए श्रीराम माता कौशल्या धाम न्यास अयोध्या का गठन हो गया है। अब सरयू के किनारे जमीन तलाशी जा रही है। जल्द ही मंदिर का मॉडल देशवासियों के सामने रखा जाएगा।
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सरयू तट के किनारे जुटे लोग। file - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अयोध्या में सरयू नदी के तट पर कौशल्या धाम बनेगा। इसमें माता कौशल्या की गोद में भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा होगी। इसके लिए श्रीराम माता कौशल्या धाम न्यास अयोध्या का गठन हो गया है। अब सरयू के किनारे जमीन तलाशी जा रही है। जल्द ही मंदिर का मॉडल देशवासियों के सामने रखा जाएगा।

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श्रीराम माता कौशल्या धाम न्यास ने अयोध्या में मातृ धाम मंदिर बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह दुनिया का सबसे सुंदर मंदिर होगा। इसमें भगवान श्रीराम अपनी माता कौशल्या की गोद में विराजमान होंगे। विश्वभर के सनातनियों के सहयोग से बनने वाले मंदिर में एक तरफ माता कैकेयी की गोद में भरत तो दूसरी तरफ माता सुमित्रा की गोद में लक्ष्मण और शत्रुघ्न विराजेंगे।

न्यास के अध्यक्ष पं. रमेश उपाध्याय एडवोकेट ने बताया कि यह मंदिर किसी सरकार या व्यक्ति का नहीं बल्कि सनातन देशवासियों का होगा। देश भर के हर गांव और मोहल्ले की मिट्टी अयोध्या में बनने वाले माता धाम की नींव में डाली जाएगी। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि भगवान राम देश के हर गांव के कण-कण में हैं। महामंत्री सतीश अग्रहरि ने बताया कि मंदिर निर्माण की शुरुआत अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के साथ होगी। अयोध्या में जो जमीन खरीदी जाएगी, वह हर प्रदेश के नाम की रहेगी। किसी व्यक्ति के नाम से जमीन नहीं ली जाएगी।
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न्यास अध्यक्ष ने चार शंकराचार्याें को लिखा पत्र, मार्गदर्शन मांगा
न्यास के अध्यक्ष ने मंदिर निर्माण के लिए शृंगेरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी भारती तीर्थ महाराज, पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज, द्वारिका पीठाधीश्वर शंंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज और ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को आशीर्वाद और मार्गदर्शन के लिए पत्र लिखा है।

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