राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने कहा कि जिला और क्षेत्र पंचायत चुनाव के दौरान वाराणसी मंडल में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल रही। प्रदेश में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां यहीं हुईं।
गंभीर तो यह रहा कि पुलिस और प्रशासन ऐसे लोगों के प्रति कार्रवाई करने में भी उदासीन रहा। इसी कारण वाराणसी जोन में विशेषतौर पर ग्राम प्रधानी के चुनाव के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती बेहद जरूरी है।
इस सिलसिले में गृहमंत्री से वार्ता हुई है। इस बार फोर्स मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने से काम नहीं चलेगा बल्कि उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर रासुका के तहत कार्रवाई करा जेल में डाला जाय।
मालूम हो कि राज्य निर्वाचन आयुक्त वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की चुनाव तैयारियों की समीक्षा बैठक के लिए काशी आए थे।
यहां सोमवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य से अधिक संवेदनशील प्रधानी का चुनाव है।
इसलिए पुलिस, प्रशासन के अफसरों को कहा गया है कि अराजकतत्वों से सख्ती से निबटें और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराएं। बताया कि पिछले चुनाव के लिए केंद्र सरकार से पैरा मिलिट्री फोर्स की डिमांड की गई थी।
गृहमंत्री ने बिहार चुनाव और गुजरात में फोर्स भेजे जाने के चलते असमर्थता जताई थी। अब प्रधानी के चुनाव के लिए भी केंद्र से फोर्स मांगी गई है। हालांकि अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बूथों के भीतर पानी की बोतलें ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने ताकीद किया कि कमिश्नर और आईजी मुख्यालयों में सिर्फ बैठकें न करें।
जिले, ब्लाक, तहसील, थानों में जाकर निरीक्षण करें और वहां की कानून व्यवस्था दुरुस्त कराएं। जिन पर चुनाव कराने की जिम्मेदारी है, उनकी समस्याओं को सुलझाएं।
इस मौके पर प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी जगमोहन यादव, एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।