पिंडरा विकासखंड के उधोपुर (करखियांव) गांव में एक दलित परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया। इसके बजाय सोमवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर दर्जनों विधवा महिलाओं को शीतकाल के मद्देनजर शाल भेंट की गई।
पिंडरा विकासखंड के उधोपुर (करखियांव) गांव में एक दलित परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया। इसके बजाय सोमवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर दर्जनों विधवा महिलाओं को शीतकाल के मद्देनजर शाल भेंट की गई। परिवार की इस पहल को सामाजिक परंपराओं में बदलाव और जरूरतमंदों की मदद से जोड़कर देखा जा रहा है।
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गांव की दलित बस्ती निवासी रामू जैसवार की 67 वर्षीय मां जियना देवी का निधन हो गया था। इसके बाद उनके बेटे रामू ने तेरहवीं नहीं करने का निर्णय लिया। सोमवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सारनाथ से आए भंते महानाम और आचार्य कमलेश गौतम ने बौद्ध रीति से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस दौरान करखियांव, देवापुर और प्रह्लादपुर की दर्जनों विधवा महिलाओं को एक-एक शाल भेंट की गई। कार्यक्रम में राजेश कुमार, योगेश, महेंद्र नाथ, राजेंद्र प्रसाद, लेखपाल, राहुल कुमार, विवेक कुमार और धीरज पटेल समेत कई लोग मौजूद रहे।